प्रेरणा स्कूल का दीक्षांत समारोह: शिक्षा, समानता और सशक्त भविष्य की ओर महत्वपूर्ण कदम
लखनऊ। स्टडी हॉल एजुकेशनल फाउंडेशन (SHEF) द्वारा संचालित प्रेरणा गर्ल्स और प्रेरणा बॉयज़ स्कूल में कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह गरिमापूर्वक आयोजित किया गया। समारोह में 124 विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे श्री असीम अरुण, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण, उत्तर प्रदेश सरकार। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में अरलीन स्टॉर्म, चांसलर—माउंट रॉयल यूनिवर्सिटी, कैलगरी (कनाडा), और कॉलिन जैक्सन, सीनियर स्कॉलर—यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी, ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
प्रेरणा स्कूलों की विशेषता यह है कि यहां शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहती।यहां लड़कियों को आत्मनिर्णय, सवाल पूछने की आदत और सामाजिक असमानता को समझने की शिक्षा दी जाती है।लड़कों को पुरानी रूढ़ियों को छोड़कर समानता, सम्मान और संवेदनशीलता अपनाने के लिए तैयार किया जाता है।उद्देश्य सिर्फ अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक, आत्मविश्वासी और अपने अधिकारों के प्रति सचेत नागरिक बनाना है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री असीम अरुण ने कहा—“शिक्षा वह सबसे मजबूत आधार है, जो किसी भी बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और सफल जीवन की ओर ले जाती है। जब लड़के और लड़कियाँ आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं, तो इसका लाभ पूरे समाज और देश को मिलता है। प्रेरणा इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।”

SHEF की CEO डॉ. उर्वशी साहनी ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा—“हमारे विद्यार्थी तमाम चुनौतियों के बावजूद निरंतर प्रगति कर रहे हैं। उनकी शिक्षा में सुधार तो दिखता ही है, लेकिन सबसे बड़ा परिवर्तन उनके जीवन में आया है। प्रेरणा स्कूलों में बाल विवाह लगभग समाप्त हो चुका है और लड़कियाँ अपने निर्णय स्वयं ले रही हैं। सम्मान और समानता आधारित शिक्षा से जीवन में वास्तविक बदलाव आता है।”
समारोह में उन विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया जो अपने परिवार में पहली बार कक्षा 10 और 12 तक पहुँचे हैं। पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किया कि कैसे प्रेरणा की सोच—आत्मनिर्भरता, समानता और आलोचनात्मक चिंतन—ने उनके भविष्य को नई दिशा दी। कार्यक्रम का समापन इस वचन के साथ हुआ कि प्रेरणा स्कूल भविष्य में भी ऐसी शिक्षा को आगे बढ़ाता रहेगा, जो बच्चों को सशक्त, संवेदनशील और समानता-आधारित समाज का जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करे।
