अनवरत राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे करने जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
(सुरेश पचौरी-विनायक फीचर्स)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा करने जा रहे हैं। इसी दिन उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री और उसके बाद भारत के प्रधानमंत्री के रूप में करीब 25 वर्ष की निरंतर राजनीतिक सेवा पूरी होगी। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली।
लगभग ढाई दशक के इस राजनीतिक सफर को उनके समर्थक राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकास की लंबी यात्रा के रूप में देखते हैं। मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात से शुरू हुआ उनका प्रशासनिक अनुभव बाद में राष्ट्रीय स्तर की नीतियों और कार्यक्रमों में भी दिखाई दिया।
गुजरात में विकास के मॉडल को मिली पहचान
मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में गुजरात में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, जल प्रबंधन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया गया। इसी दौर में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की शुरुआत हुई, जिसने देश-विदेश के निवेशकों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाने का काम किया।
गुजरात की ज्योतिग्राम योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने का प्रयास किया गया। राज्य में मृदा स्वास्थ्य कार्ड और सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण जैसे कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया गया। इन पहलों के साथ औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार ने गुजरात के विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाया।
गुजरात से दिल्ली तक राष्ट्रसेवा का सफर
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कई बड़े फैसले और योजनाएं लागू कीं। उनके समर्थक इसे ‘संकल्प से सिद्धि’ की यात्रा के रूप में देखते हैं।
धारा 370 से जुड़े संवैधानिक बदलाव, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, रक्षा एवं सीमा सुरक्षा पर जोर, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों को सरकार की प्रमुख पहलों में गिना जाता है। इसी क्रम में चंद्रयान-3 की सफलता और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका को भी देश की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति से जोड़कर देखा जाता है।
गरीब कल्याण से बुनियादी सुविधाओं तक
मोदी सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं को व्यापक स्तर पर लागू किया गया। इनका उद्देश्य गरीब और ग्रामीण परिवारों तक आवास, स्वच्छता, रसोई गैस, स्वास्थ्य सुरक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना रहा है।
इसी तरह सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। शहरों में मेट्रो और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को विकास की व्यापक रणनीति का हिस्सा बनाया गया।
युवाओं, किसानों और महिलाओं पर फोकस
केंद्र सरकार की नीतियों में युवाओं को उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने के लिए स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया और कौशल विकास से संबंधित कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया। सरकार का जोर युवाओं को रोजगार तलाशने वाले के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी रहा है।
किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कई योजनाएं शुरू की गईं। वहीं महिला सशक्तिकरण को सरकार के विकास एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को इसी दिशा की पहल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।
‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ का मंत्र
मोदी सरकार की कार्यशैली को अक्सर ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के सूत्र से जोड़ा जाता है। सरकार का दावा रहा है कि गरीब कल्याण, युवा शक्ति, किसान समृद्धि और महिला सशक्तिकरण को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर समावेशी विकास को गति दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के समर्थकों के अनुसार, उनकी राजनीति का केंद्र ‘अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति’ तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना रहा है। इसी सोच को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के नारे से भी अभिव्यक्त किया गया है।
25 वर्ष की राजनीतिक यात्रा और वैश्विक पहचान
नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के राजनीतिक सफर में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी अलग-अलग भूमिकाएं रही हैं। उनके समर्थक उन्हें तप, अनुशासन और निरंतर कार्यशैली वाला नेता मानते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की भूमिका को मजबूत करने के प्रयासों के बीच मोदी को कई देशों के सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया गया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य के विकास और प्रशासन का अनुभव हासिल किया, जबकि प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर बुनियादी ढांचे, कल्याणकारी योजनाओं, अर्थव्यवस्था, डिजिटल तकनीक, रक्षा और विदेश नीति से जुड़े क्षेत्रों में सरकार का नेतृत्व किया।
7 अक्टूबर 2026 को पूरा होने वाला यह 25 वर्ष का कालखंड उनके समर्थकों के लिए केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि निरंतर सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा की यात्रा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात के विकास से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में भारत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने तक की उनकी यात्रा भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखी जाती है।

