नगर निगम डिग्री कॉलेज में प्राचार्य पर जातिवाद और उत्पीड़न के आरोप
लखनऊ: नगर निगम द्वारा संचालित अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। प्राचार्य पर कॉलेज में जातिगत आधार पर पक्षपात और कर्मचारियों के उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि प्राचार्य पहले से ही अतिथि शिक्षकों की भर्ती समेत अन्य अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जांच का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में 27 जनवरी 2026 को महापौर द्वारा सदन में जांच बैठाई गई थी।
सूत्रों के अनुसार, कॉलेज में आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संदीप शुक्ला और गार्ड जय बक्श उर्फ लालू यादव के बीच 30 मार्च को किसी गलतफहमी को लेकर मामूली बहस हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों ने आपसी स्तर पर मामला सुलझा भी लिया था, लेकिन आरोप है कि प्राचार्य ने जातिगत सोच के चलते संदीप शुक्ला का पक्ष लिया और जय बक्श उर्फ लालू यादव पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर उन्हें नौकरी से हटवा दिया।

बताया जा रहा है कि आशुतोष आउटसोर्सिंग सर्विस के मैनेजर आशुतोष पाण्डेय ने व्हाट्सएप के माध्यम से जय बक्श उर्फ लालू यादव को सूचना दी कि प्राचार्य ने उनके स्थान पर दूसरे गार्ड की नियुक्ति करने का अनुरोध किया है।
इस मामले ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों की रक्षा, उत्पीड़न रोकने और सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रयासरत है।

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के अनुसार 1 अप्रैल से आउटसोर्सिंग सेवा निगम भी सक्रिय हो चुका है। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के उत्पीड़न के ऐसे आरोप सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं।हालांकि, इस पूरे मामले में प्राचार्य की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
