लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में प्रमुख सचिव (राज्य कर) का व्यापारी संवाद: प्रतिबंधित चाइनीज मांझे पर रोक और फ्लाईओवरों पर तार लगाने का व्यापारियों ने लिया संकल्प
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हो रही बिक्री, व्यापारी जान-माल की सुरक्षा के लिए संकल्पबद्ध
बैठक को संबोधित करते हुए लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने साफ तौर पर स्पष्ट किया कि लखनऊ का कोई भी पंजीकृत या जिम्मेदार व्यापारी इस जानलेवा प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का विक्रय नहीं कर रहा है। उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा: प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री मुख्य रूप से कुछ ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं तक हो रही है। इससे पहले भी चौक थाने में पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक में व्यापारियों ने स्वतः आगे आकर प्रतिबंधित मांझे की चरखियां और धागे नष्ट किए थे। आज हम पुनः प्रमुख सचिव महोदया के समक्ष संकल्प लेते हैं कि लखनऊ का कोई भी व्यापारी इंसानों और बेजुबान पक्षियों के लिए खतरा बनने वाले इस मांझे को नहीं बेचेगा।"

अमरनाथ मिश्र ने शहर के बुनियादी ढांचे में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले शहर में ओवरब्रिज कम थे, लेकिन आज लखनऊ में ऊंचे-ऊंचे पुलों और फ्लाईओवरों का जाल बिछ चुका है। इन फ्लाईओवरों पर दोपहिया वाहनों के गुजरते समय पतंग के धागे फंसने से गर्दन कटने जैसी भयानक दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए व्यापारियों ने जिम्मेदारी लेते हुए घोषणा की कि जहां भी आवश्यकता होगी, व्यापारी समाज मिलकर फ्लाईओवरों के दोनों तरफ सुरक्षात्मक तार (Safety Wires) लगाने का कार्य करेगा।

निर्माण स्तर पर लगे रोक, जांच के दौरान न हो व्यापारियों का उत्पीड़न
संवाद के दौरान व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा गया:
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गंभीरता और समाधान: लखनऊ व्यापार मंडल के चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव देते हुए कहा कि यदि प्रतिबंधित मांझे के निर्माण स्तर (Manufacturing Level) पर ही कड़ाई से प्रभावी रोक लगा दी जाए, तो बाजार में इसका अवैध प्रवेश और व्यापार स्वतः ही समाप्त हो जाएगा।
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अनावश्यक उत्पीड़न से सुरक्षा: वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा और महामंत्री अनुराग मिश्रा ने प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी वर्ग स्वयं इस मांझे को न बेचने के लिए संकल्पबद्ध है, तब प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर जांच (Checking) की जाती है, तो वहां संबंधित व्यापारी संगठन या व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से साथ रखा जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यापारी का अनावश्यक मानसिक या प्रशासनिक उत्पीड़न न हो।
कानून का पालन भी हो और व्यापार भी चले: प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान
प्रमुख सचिव (राज्य कर) श्रीमती कामिनी रतन चौहान ने अपने संबोधन में लखनऊ व्यापार मंडल के पारिवारिक और आत्मीय वातावरण की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव का पदभार ग्रहण करने के बाद लखनऊ के व्यापारियों के साथ उनका यह पहला सीधा संवाद है और इतने संक्षिप्त नोटिस पर इतनी बड़ी संख्या में व्यापारियों की उपस्थिति उनके संगठन की मजबूती को दर्शाती है।
प्रतिबंधित मांझे के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा चाइनीज मांझे का मुद्दा केवल किसी एक टैक्स या पुलिस विभाग का नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे समाज, पर्यावरण और जनसुरक्षा से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील मानवीय विषय है। माननीय उच्च न्यायालय (High Court) के भी स्पष्ट निर्देश हैं कि जांच की आड़ में किसी भी वास्तविक व्यापारी, निर्माता या छोटे कारीगर का अनावश्यक उत्पीड़न बिल्कुल नहीं होना चाहिए। कानून का पूरी तरह पालन करते हुए व्यापार सुचारू रूप से संचालित हो, यही हमारी प्राथमिकता है।"
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश का पुलिस विभाग, गृह विभाग और पर्यावरण विभाग आपसी समन्वय (Coordination) के साथ इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। प्रतिबंधित मांझे के निर्माण और बिक्री को जड़ से खत्म करने के लिए एक विशेष कानून और प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने व्यापार मंडल से अपील की कि वे समाज में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएं ताकि अभिभावक और बच्चे भी केवल सुरक्षित (पारंपरिक सूती) मांझे का ही उपयोग करें।
प्रशासनिक अधिकारी और व्यापारी नेताओं की रही भारी मौजूदगी
इस ऐतिहासिक संवाद कार्यक्रम में दोनों पक्षों के वरिष्ठ चेहरे शामिल हुए:
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प्रशासनिक विंग से: एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 सरबजीत सिंह, रामप्रवेश पांडेय, ज्वाइंट कमिश्नर (संभाग-ए) उदय प्रताप सिंह, आर.पी.जी. राकेश गौतम, राजेश गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर राखी सिंह, भूपेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, सुभाष यादव, वीरेंद्र मिश्रा, असिस्टेंट कमिश्नर संतोष सिंह, रवि पवार, रामनरेश वर्मा, श्याम सुंदर पाठक, रवि सिंह, शिवेंद्र जायसवाल, राज्य कर अधिकारी संजय सिंह एवं अंकित उपाध्याय।
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व्यापार मंडल विंग से: चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल, अनिल विरमानी, अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा, अनुराग मिश्रा, जितेंद्र सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी, मीडिया महामंत्री सुमित गुप्ता, महामंत्री प्रियंक गुप्ता, सुशील तिवारी, मनजीत सिंह दुआ, कुश मिश्रा, सी.पी. अग्रवाल, सुरेश कुमार, संजीव अग्रवाल, जगजीत सिंह, अतुल त्रिपाठी सहित लखनऊ के सैकड़ों पतंग निर्माता, थोक व फुटकर विक्रेता व्यापारी उपस्थित रहे।



