अमृत 2.0 के तहत 56 एमएलडी दौलतगंज एसटीपी का QCI टीम ने किया निरीक्षण
प्लांट की कार्यक्षमता, उपचारित पानी की गुणवत्ता और संचालन व्यवस्था का किया मूल्यांकन
लखनऊ डेस्क (आरएल पाण्डेय)। अमृत 2.0 के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की कार्यक्षमता और संचालन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) की टीम ने लखनऊ स्थित 56 एमएलडी दौलतगंज सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान सुएज इंडिया की ऑपरेशनल टीम की मौजूदगी में प्लांट की संचालन व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्रक्रिया और उपचारित पानी की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया गया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि एसटीपी निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी ढंग से संचालित हो रहा है या नहीं। मूल्यांकन के दौरान प्लांट की वास्तविक ट्रीटमेंट क्षमता, इनलेट और आउटलेट की स्थिति, उपचारित पानी की गुणवत्ता, मशीनरी के संचालन, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और स्लज प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, सीवरेज प्रबंधन और उपचारित जल के पुनः उपयोग को प्राथमिकता दी गई है। ऐसे में एसटीपी का नियमित मूल्यांकन यह जानने में मदद करता है कि प्लांट से निकलने वाला उपचारित पानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतर रहा है या नहीं और उसका किन कार्यों में पुनः उपयोग किया जा सकता है।
वहीं, ‘जल ही अमृत’ पहल के तहत एसटीपी के प्रदर्शन के आधार पर स्टार रेटिंग देने और पात्रता के अनुसार प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। सुएज इंडिया की ऑपरेशनल टीम दौलतगंज एसटीपी के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संभालती है। इसके तहत प्लांट की नियमित कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और उपचार प्रक्रिया को प्रभावी बनाए रखने पर काम किया जाता है। QCI की टीम का यह निरीक्षण प्लांट के प्रदर्शन का स्वतंत्र आकलन करने के साथ सीवेज ट्रीटमेंट की गुणवत्ता और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
