भारत के सांस्कृतिक गौरव और सामरिक सुरक्षा संस्थाओं पर सवाल उठाना अनुचित: डॉ. राघवेंद्र शर्मा

Questioning India's cultural heritage and strategic security institutions is inappropriate: Dr. Raghavendra Sharma
 
भारत के सांस्कृतिक गौरव और सामरिक सुरक्षा संस्थाओं पर सवाल उठाना अनुचित: डॉ. राघवेंद्र शर्मा
भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रमुख स्तंभों—राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग—पर हाल में की गई अंतरराष्ट्रीय टिप्पणियों को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। (विनायक फीचर्स) के लिए लिखे अपने विचार लेख में डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने इन्हें न केवल आधारहीन, बल्कि वैचारिक पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया है।

लेख में कहा गया है कि USCIRF जैसी विदेशी संस्थाओं द्वारा इन संगठनों को निशाना बनाना भारत की आंतरिक व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होता है। लेखक के अनुसार, ये संस्थाएं केवल संगठन नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और सामरिक सुरक्षा की मजबूत आधारशिला हैं।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए लेख में कहा गया है कि यह संगठन लंबे समय से समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय है। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर सामाजिक उत्थान तक, स्वयंसेवकों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। ऐसे में विदेशी मंचों से उस पर आरोप लगाना वास्तविकता से परे बताया गया है।

इसी तरह, देश की खुफिया एजेंसी रॉ को लेकर भी लेख में कहा गया है कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के लिए मजबूत खुफिया तंत्र अनिवार्य होता है। रॉ का उद्देश्य देश को बाहरी खतरों, आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों से सुरक्षित रखना है। इस पर प्रतिबंध या आरोप लगाने की मांग को लेखक ने भारत की सुरक्षा क्षमता को कमजोर करने का प्रयास बताया है।

लेख में यह भी चिंता व्यक्त की गई है कि कुछ घरेलू राजनीतिक आवाजें भी इन अंतरराष्ट्रीय आरोपों के समर्थन में नजर आती हैं, जो राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। लेखक का मानना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं होना चाहिए।

अंत में लेख में जोर दिया गया है कि भारत को बाहरी रिपोर्टों से प्रभावित होने के बजाय अपनी आंतरिक शक्ति, एकता और संस्थाओं पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और रॉ जैसी संस्थाएं देश की ‘सॉफ्ट’ और ‘हार्ड’ पावर का प्रतिनिधित्व करती हैं, और इनके प्रति सम्मान बनाए रखना हर नागरिक का दायित्व है।

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