हिंदी संस्थान में मनाई गई रवींद्रनाथ टैगोर जयंती, साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र की हस्तियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ पी.के. श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ सी.एम. सिंह उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ विद्या बिंदु सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ पूरन चंद सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल अजीज सिद्दीकी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रीमा सिंहा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर केवल महान कवि ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मानवता और प्रगतिशील विचारधारा के प्रतीक थे।
समारोह में डॉक्टर, पत्रकार, कवि, शायर, अधिवक्ता, व्यापारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में शामिल हुए। वक्ताओं ने टैगोर के साहित्य, शिक्षा और मानवीय मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों और समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और निष्पक्ष पत्रकार समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिनमें गुरुदेव टैगोर की रचनाओं पर आधारित गीत, कविताएं और नाट्य प्रस्तुतियां शामिल रहीं। उपस्थित लोगों ने आयोजन को प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की। समारोह के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
