कांग्रेस ने फूँका 'मनरेगा बचाओ संग्राम' का बिगुल, पूर्व प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार बोले— "गाँव से संसद तक लड़ेंगे लड़ाई"
"गरीबों और गाँवों के खिलाफ है सरकार का रवैया"
चौपाल को संबोधित करते हुए सुरेंद्र कुमार ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण कानून को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार द्वारा जारी किए जा रहे नए फरमान गरीबों के पेट पर लात मारने और ग्रामीण विकास को रोकने की साजिश है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा के अस्तित्व को बचाने के लिए गाँवों की चौपाल से लेकर देश की संसद तक संघर्ष करेगी।"
पलायन बढ़ने की दी चेतावनी
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विक्रम पांडेय ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा को कमजोर करने के पीछे बड़े उद्योगपतियों का दबाव है। उन्होंने आगाह किया कि यदि इस योजना को खत्म किया गया, तो गाँवों से शहरों की ओर पलायन (Migration) तेजी से बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।
बदलाव के लिए जनता से अपील
ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जनता से जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, तब तक आम जनमानस के खिलाफ इसी तरह के कानून बनते रहेंगे। कार्यक्रम के संयोजक अब्दुल इरफान ने जोर दिया कि देश की स्थिति तभी सुधरेगी जब गरीब और मजदूर विरोधी नीतियों का अंत होगा।
प्रमुख उपस्थित लोग:
कार्यक्रम में जिला महासचिव श्याम प्रकाश त्रिपाठी, प्रेम प्रकाश वर्मा, राजेंद्र वर्मा, बख्तियार अहमद, देवेंद्र कुमार, अजय कुमार गौतम, बाबू सिंह, और योगेंद्र कुमार सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
