आंतों के लिए वरदान है किशमिश: जानें क्यों हेल्थ एक्सपर्ट्स देते हैं इसे रोजाना खाने की सलाह
-
गट हेल्थ के लिए बेस्ट: फाइबर और सॉर्बिटोल से भरपूर किशमिश पेट साफ रखने और कब्ज दूर करने में है बेहद असरदार।
-
गैस्ट्रो एक्सपर्ट की राय: डॉक्टर के अनुसार, रोजाना किशमिश खाने से सुधरता है आंतों के अच्छे बैक्टीरिया का स्तर।
-
सेवन का सही तरीका: रातभर पानी में भीगी हुई 8-10 किशमिश सुबह खाली पेट खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद।
स्वाद में खट्टी-मीठी और हर घर की रसोई में आसानी से मिलने वाली किशमिश केवल मिठाइयों या व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सूखे अंगूरों से तैयार होने वाली किशमिश असल में सेहत और पोषक तत्वों का एक बेहतरीन खजाना है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारी ओवरऑल हेल्थ और विशेष रूप से आंतों (Gut Health) को तंदुरुस्त रखने में किशमिश बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि रोजाना किशमिश खाना हमारे पाचन तंत्र के लिए क्यों जरूरी है।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताए किशमिश खाने के बड़े फायदे
ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वत्स्या ने सोशल मीडिया पर आंतों के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने वैज्ञानिक तर्कों के साथ बताया है कि क्यों हर व्यक्ति को अपनी डेली डाइट में किशमिश को जरूर शामिल करना चाहिए।
1. मल त्याग की प्रक्रिया को बनाती है आसान
रोजाना किशमिश खाने का सबसे बड़ा और सीधा फायदा हमारे पेट की सफाई (Bowel Movement) पर पड़ता है। यह एक बेहतरीन प्लांट-बेस्ड फूड है जो डाइटरी फाइबर से भरपूर होता है। यह फाइबर आंतों में पानी को सोखकर मल को नरम बनाता है, जिससे खाना पाचन तंत्र से आसानी से गुजर जाता है।
2. 'सॉर्बिटोल' (Sorbitol) दिलाता है कब्ज से राहत
किशमिश में सॉर्बिटोल नामक एक प्राकृतिक रासायनिक यौगिक पाया जाता है। यह एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है जो शुगर अल्कोहल की श्रेणी में आता है। डॉक्टर वत्स्या के अनुसार: सॉर्बिटोल आंतों को प्राकृतिक रूप से मल में नमी बनाए रखने का संकेत देता है। यदि लोग नियमित रूप से सही मात्रा में किशमिश का सेवन शुरू कर दें, तो कब्ज (Constipation) की समस्या से जूझ रही एक बड़ी आबादी को इस तकलीफ से नेचुरली निजात मिल सकती है।
पाचन के साथ कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचाव
डॉक्टर वत्स्या के मुताबिक, किशमिश पेट साफ रखने के अलावा आंतों के भीतर मौजूद 'गुड बैक्टीरिया' (Healthy Gut Bacteria) को भी पोषण देती है, जिससे पाचन क्षमता मजबूत होती है।
-
एसिडिटी और भारीपन से मुक्ति: इसके नियमित सेवन से पेट में गैस, एसिडिटी और भोजन के बाद होने वाले भारीपन की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।
-
गंभीर रोगों का खतरा कम: एक स्वस्थ और साफ पेट के कारण फिशर (Fissure) और बवासीर (Piles) जैसी दर्दनाक बीमारियों का खतरा बेहद कम हो जाता है।
-
दिल और पाचन का तालमेल: किशमिश में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम और पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ-साथ दिल (Heart Health) को भी लंबी उम्र तक स्वस्थ बनाए रखते हैं।
खाने का सही तरीका और सही मात्रा
किशमिश का पूरा औषधीय लाभ उठाने के लिए इसे सही तरीके से खाना बेहद जरूरी है: सर्वोत्तम तरीका: रात के समय 8 से 10 किशमिश को एक कप साफ पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर खाली पेट सबसे पहले इन भीगी हुई किशमिशों का सेवन करें। वैकल्पिक तरीका: यदि सुबह समय की कमी के कारण आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो दिनभर में किसी भी समय 5 से 6 सूखी किशमिश चबाकर खाने से भी शरीर को इसके आवश्यक पोषक तत्व मिल जाते हैं।
