राजबब्बर को बड़ी राहत: 28 साल पुराने चुनाव आचार संहिता मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने किया दोषमुक्त

Major Relief for Raj Babbar: MP/MLA Court Acquits Him in 28-Year-Old Election Code of Conduct Case
 
A New Chapter in Nation-Building and Spiritual Consciousness

लखनऊ | 25 मार्च 2026

राजधानी लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने बुधवार को पूर्व सांसद और वरिष्ठ अभिनेता राजबब्बर को एक बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है। न्यायालय ने वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किए गए चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में उन्हें पूरी तरह दोषमुक्त (Acquit) कर दिया है।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 1996 का है, जब राजबब्बर लखनऊ लोकसभा सीट से उम्मीदवार थे। उन पर चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अदालत ने आज अपना अंतिम फैसला सुनाया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

न्यायालय के बाहर जश्न का माहौल

फैसला आते ही कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद राजबब्बर के समर्थकों और प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता का इजहार किया।

इस महत्वपूर्ण कानूनी जीत के अवसर पर प्रमुख रूप से निम्नलिखित अधिवक्ता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:

  • कानूनी टीम: अधिवक्ता सत्येन्द्र कुमार सिंह, अतुल वर्मा, अंचित श्रीवास्तव।

  • समर्थक एवं गणमान्य: डॉ. मेंहदी हसन, वीरेन्द्र मदान, राजेश सिंह, रामगोपाल सिंह, आशुतोष मिश्रा, श्री नन्दी, डॉ. जावेद मसीह, प्रदीप सिंह, देव सिंह सहित सैकड़ों अधिवक्ता एवं समर्थक।

अधिवक्ताओं का पक्ष

बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि न्याय की जीत हुई है। उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका, जिसके फलस्वरूप माननीय न्यायालय ने राजबब्बर को सम्मानपूर्वक दोषमुक्त किया है। दशकों पुराने इस मामले के निपटारे से राजबब्बर और उनके राजनीतिक खेमे ने राहत की सांस ली है। समर्थकों का मानना है कि इस फैसले से आगामी राजनैतिक गतिविधियों में उन्हें नई ऊर्जा मिलेगी।

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