राम कथा Day 7: 'जिसके हृदय में राम हैं वही बड़ा है, ऊंच-नीच का हमारे वेदों में स्थान नहीं' — लखनऊ में बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य

Ram Katha Day 7: 'He in whose heart Ram resides is truly great; there is no place for distinctions of high and low status in our Vedas' — Jagadguru Rambhadracharya in Lucknow.
 
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लखनऊ, 08 जून 2026:

राजधानी के सीतापुर रोड स्थित 'बृज की रसोई' परिसर में आयोजित भव्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने कथा के सप्तम दिवस पर जब 'केवट संवाद' और 'भरत मिलाप' के मार्मिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया, तो पाण्डाल में उपस्थित हजारों श्रोता अपने आंसू नहीं रोक सके और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

कथा व्यासपीठ से सनातन संस्कृति की व्याख्या करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने जातिवाद और ऊंच-नीच के भेदभाव पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारे वेदों, इतिहास, पुराणों और श्रुतियों में कहीं भी ऊंच-नीच या जातिगत भेदभाव की भावना नहीं है। भारतीय संस्कृति का केवल एक ही मापदंड है— "जिसके हृदय में राम नहीं हैं वह छोटा है, और जिसके हृदय में राम का वास है, वही इस संसार में सबसे बड़ा है।"

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भक्ति की महिमा: मुक्ति से भी बड़ी है भक्ति

केवट प्रसंग के माध्यम से प्रभु राम और उनके अनन्य भक्त के बीच के निश्छल प्रेम को रेखांकित करते हुए स्वामी जी ने कहा कि राम नाम की महिमा अपरंपार है, जिससे असुरों का भी उद्धार हो गया। उन्होंने अध्यात्म का मर्म समझाते हुए कहा कि 'भक्ति' हमेशा 'मुक्ति' से बड़ी होती है, क्योंकि मुक्ति में जीव ईश्वर में लीन हो जाता है, जबकि भक्ति में ईश्वर स्वयं भक्त के वश में हो जाते हैं।

"भारत बाबर-अकबर का नहीं, प्रभु राम का देश है"

कथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी ने देश के सांस्कृतिक गौरव और लखनऊ के ऐतिहासिक महत्व पर अपने चिरपरिचित बेबाक अंदाज में बात की:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर संदेश:

"यह लखनऊ लक्ष्मण जी की नगरी है, जिसे स्वयं भगवान लक्ष्मण ने बसाया था। यह देश और हमारी संस्कृति बाबर या अकबर की नहीं है, बल्कि यह प्रभु श्री राम का देश है। यदि इस पावन धरा पर रहना है, तो हर किसी को 'वंदे मातरम' बोलना पड़ेगा और राष्ट्रगान का सम्मान करते हुए उसे गाना पड़ेगा। वर्तमान समय में देश को तुष्टिकरण (Appeasement) की नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद के पुष्टिकरण की आवश्यकता है।"

888कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना सहित कई गणमान्य नागरिकों ने लिया आशीर्वाद

श्रीराम कथा के सातवें दिन व्यासपीठ का आशीर्वाद लेने के लिए राजनेताओं, न्यायविदों और समाज के प्रतिष्ठित जनों का तांता लगा रहा। मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों ने महाराज श्री की आरती उतारी और आशीर्वाद प्राप्त किया:

  • राजनीतिक नेतृत्व: उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, विधायक अमरेश कुमार, जिला पंचायत बाराबंकी की अध्यक्ष राजरानी रावत और भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित।

  • प्रशासनिक व कानूनी जगत: माननीय न्यायमूर्ति अनिल कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल और यूपी पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य लक्ष्मण चौधरी।

  • संत समाज: आंजनेय पीठाधीश्वर स्वामी रामानुजाचार्य जी महाराज।

कथा सत्र की शुरुआत से पहले स्थानीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कथा पंडाल की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित कर रहे सभी सेवादारों और कार्यकर्ताओं को मंच पर अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अंजनी श्रीवास्तव और राहुल राज रस्तोगी सहित लखनऊ और आस-पास के जिलों से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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