राष्ट्रीय समानता दल के अधिवेशन में संगठन विस्तार और सामाजिक न्याय का संकल्प
लखनऊ डेस्क, आर. एल. पाण्डेय। राष्ट्रीय समानता दल का राष्ट्रीय अधिवेशन एम.के. अपार्टमेंट, ए.पी. सेन रोड, चारबाग स्थित सभागार में आयोजित किया गया। अधिवेशन में संगठन को मजबूत करने, आर्थिक प्रजातंत्र और सामाजिक न्याय के मुद्दों को आगे बढ़ाने तथा पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों के विस्तार पर चर्चा की गई।
अधिवेशन में मोतीलाल शास्त्री को राष्ट्रीय अध्यक्ष, अगमस्वरूप कुशवाहा को राष्ट्रीय मुख्य महासचिव तथा गोपाल सिंह कुशवाहा को संसदीय बोर्ड अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से निर्वाचित किए जाने की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय समानता दल के पूर्व सार्वजनिक बयानों में भी मोतीलाल शास्त्री कुशवाहा, अगमस्वरूप कुशवाहा और गोपाल सिंह कुशवाहा को इन्हीं प्रमुख संगठनात्मक भूमिकाओं में उल्लेखित किया गया है।
सामाजिक न्याय का भारत बनाने का प्रस्ताव
अधिवेशन में “सामाजिक न्याय का भारत बनाने” का संकल्प प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए जाने की बात कही गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनके अनुसार राजनीतिक लोकतंत्र के साथ आर्थिक लोकतंत्र और सामाजिक बराबरी को मजबूत करना जरूरी है। संगठन ने सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समान अवसर तथा वंचित वर्गों की भागीदारी को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल शास्त्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय समानता दल का उद्देश्य केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक असमानता और सामाजिक भेदभाव से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन को गांव-गांव तक मजबूत किया जाएगा और आर्थिक प्रजातंत्र को राजनीतिक एजेंडे के रूप में आगे रखा जाएगा।
सामाजिक न्याय को राजनीतिक प्रतिबद्धता बताया
राष्ट्रीय मुख्य महासचिव अगमस्वरूप कुशवाहा ने कहा कि सामाजिक न्याय उनके संगठन की राजनीतिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, संसाधनों और सत्ता में वंचित तथा पिछड़े वर्गों की भागीदारी के मुद्दे पर जनअभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन के विस्तार और जनसंवाद को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी पर जोर
संसदीय बोर्ड अध्यक्ष गोपाल सिंह कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति की निर्णय प्रक्रिया में सम्मानजनक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समानता दल आर्थिक प्रजातंत्र, सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाएगा तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों में जनहित के मुद्दों को केंद्र में रखने का प्रयास करेगा।
अधिवेशन के समापन पर कार्यकर्ताओं ने “सामाजिक न्याय का भारत बनाएंगे” के संकल्प के साथ संगठन को मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों को व्यापक स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया। कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
