Real Estate Boom: यूपी रियल एस्टेट सेक्टर बना निवेश का नया केंद्र; रेरा चेयरमैन संजय भूसरेड्डी बोले— 1.25 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य

Real Estate Boom: UP Real Estate Sector Emerges as a New Investment Hub; RERA Chairman Sanjay Bhoosreddy States—Target Set for ₹1.25 Lakh Crore in Investments.
 
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश का रियल एस्टेट बाजार अब केवल दिल्ली-एनसीआर (NCR) तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक मल्टी-सिटी ग्रोथ मॉडल के रूप में पूरे देश के लिए निवेश का सबसे बड़ा इंजन बनकर उभरा है। राजधानी लखनऊ के होटल ताज महल में आयोजित 'आईसीसी यूपी रियल एस्टेट समिट 2026' में देश भर के नीति निर्माताओं, डेवलपर्स, संस्थागत निवेशकों और शहरी योजनाकारों ने शिरकत की।

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के सबसे महत्वपूर्ण निवेश और शहरी विकास केंद्रों में शीर्ष पर आ रहा है। राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में रियल एस्टेट सेक्टर रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

यूपी में ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक का निवेश लक्ष्य: संजय भूसरेड्डी

समिट को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए यूपी रेरा (UP RERA) के चेयरमैन संजय आर. भूसरेड्डी ने उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर के सुनहरे भविष्य का पूरा खाका सामने रखा।

  • बंपर प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन: यूपी रेरा चेयरमैन ने बताया कि साल 2023 के अंत में आई तेजी के बाद प्रदेश का रियल एस्टेट बाजार अब बेहद परिपक्व और मजबूत दौर में है। आज यूपी रेरा देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट इकोसिस्टम की निगरानी कर रहा है, जहां 3,000 से अधिक बड़े प्रोजेक्ट्स पंजीकृत हैं।

  • निवेश की बाढ़: केवल साल 2025 में ही प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 3,000 के पार चला गया, जिसके जरिए करीब 85,000 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरा। भूसरेड्डी ने घोषणा की कि आने वाले समय में हमारा लक्ष्य इस निवेश प्रतिबद्धता को 1.25 लाख करोड़ रुपये के पार ले जाने का है। दक्षिण भारत के बड़े डेवलपर्स और संस्थागत निवेशकों की एंट्री यूपी के बाजार पर राष्ट्रीय भरोसे को दर्शाती है।

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समिट के दौरान 4 विशेष सत्रों में हुआ मंथन

इस भव्य सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट परिदृश्य को बदलने वाले चार मुख्य स्तंभों पर विस्तृत तकनीकी चर्चा हुई:

विशेष सत्र (Panel Sessions) मंथन के मुख्य बिंदु और निष्कर्ष
1. इंफ्रास्ट्रक्चर और 1 ट्रिलियन डॉलर विज़न गंगा एक्सप्रेसवे, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स और रीजनल कैपिटल जोन (RCZ) किस तरह नए शहरों में निवेश ला रहे हैं।
2. अफोर्डेबल से एस्पिरेशनल हाउसिंग टियर-2 और टियर-3 (छोटे शहरों) में बदलती लाइफस्टाइल, PMAY का प्रभाव और रेरा के जरिए आई पारदर्शिता।
3. प्रॉपटेक (PropTech) और AI का दौर रियल एस्टेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लैंड रिकॉर्ड, GIS मैपिंग, BIM और डेटा एनालिटिक्स के जरिए स्मार्ट बिल्डिंग का निर्माण।
4. को-वर्किंग स्पेस का भविष्य हाइब्रिड वर्क कल्चर, नए जमाने के टेक-फर्स्ट ऑफिस, ESG (पर्यावरण अनुकूल) गाइडलाइंस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की मांग।

"NCR के बाहर छोटे शहरों में बढ़ रहा है निवेश" — डॉ. राजीव सिंह

विकेंद्रीकृत विकास: इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के डायरेक्टर जनरल डॉ. राजीव सिंह ने स्वागत भाषण में कहा, "यूपी में अब विकास का दायरा नोएडा-ग्रेटर नोएडा से बाहर निकल चुका है। बेहतर कनेक्टिविटी और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के चलते राज्य के छोटे कस्बे और टियर-2 शहर विकास के नए हब बन रहे हैं। नीतिगत स्थिरता, पारदर्शी गवर्नेंस और निवेशकों की पूंजी सुरक्षा के कारण यह सेक्टर अब अभूतपूर्व आर्थिक विस्तार के लिए तैयार है।"

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केवल घर बनाना नहीं, माइग्रेशन रोकना उद्देश्य: डॉ. बलकार सिंह

समिट में वरिष्ठ अधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि रियल एस्टेट किसी भी सूबे की आर्थिक सेहत का सबसे बड़ा बैरोमीटर होता है। जेवर एयरपोर्ट, कन्वेंशन सेंटर्स और इंटीग्रेटेड टाउनशिप का मकसद केवल बहुमंजिला इमारतें खड़ी करना नहीं है, बल्कि छोटे शहरों में ही रोजगार, शिक्षा और कमर्शियल हब विकसित करना है, ताकि बड़े महानगरों पर माइग्रेशन (पलायन) का दबाव कम किया जा सके।

इन दिग्गजों की रही मौजूदगी:

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए, जबकि एनारॉक (Anarock) ग्रुप के फाउंडर व चेयरमैन अनुज पुरी ने मुख्य वक्तव्य दिया। सम्मेलन के अंत में उद्योग जगत के दिग्गजों ने निष्कर्ष निकाला कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में केवल आवासीय योजनाएं नहीं, बल्कि रेजिडेंशियल, कमर्शियल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलाकर 'इंटीग्रेटेड अर्बन इकोसिस्टम' तैयार किए जाएंगे।

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