यूपी में 12 जुलाई को रिकॉर्ड तोड़ वृक्षारोपण महाअभियान: 24 राज्य विश्वविद्यालय और 8000 कॉलेज लगाएंगे 20 लाख पौधे, मियावाकी वाटिकाएं बनाने के निर्देश
50 लाख विद्यार्थी और 8000 से अधिक शिक्षण संस्थान रचेंगे इतिहास
आगरा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल बड़े पैमाने पर पौधारोपण करना नहीं है, बल्कि पौधों के जीवित रहने, उनके संरक्षण और दीर्घकालिक संवर्धन (Nurturing) को सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बताया इस महाअभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देने के लिए विभाग से जुड़े लगभग 50 लाख विद्यार्थियों, 24 राज्य विश्वविद्यालयों, 56 निजी विश्वविद्यालयों तथा सूबे के लगभग 8,000 महाविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान सीधे तौर पर आदरणीय प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रेरित है।"
शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यार्थियों को कॉलेज परिसरों के साथ-साथ अपने घरों और आस-पास के खाली स्थानों पर भी पौधे लगाने तथा उनकी दैनिक देखभाल करने के लिए प्रेरित करें।
मियावाकी पद्धति से सघन वन और परिसरों में बनेगी 'प्राकृतिक हरित बाउंड्री'
उच्च शिक्षा मंत्री ने रोपे जाने वाले पौधों के चयन और रोपण की आधुनिक तकनीकों को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं:
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उपयोगी पौधों का चयन: परिसरों में केवल वही पौधे लगाए जाएं जो औषधीय (Medicinal), छायादार और फलदार हों, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वे समाज और विद्यार्थियों के लिए भी दीर्घकालिक रूप से उपयोगी साबित हों।
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प्राकृतिक हरित बाउंड्री: जिन विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सुरक्षा के लिए पक्की चारदीवारी (Boundary Wall) उपलब्ध नहीं है, वहां परिसर की सीमाओं पर सघन पौधारोपण कर एक अभेद्य प्राकृतिक हरित बाउंड्री विकसित की जाए।
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मियावाकी पद्धति (Miyawaki Method): जिन शिक्षण संस्थानों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां जापानी तकनीक यानी मियावाकी पद्धति का उपयोग करके सघन हरित वाटिकाएं (Dense Forests) विकसित की जाएं। इस तकनीक से बेहद कम स्थान में बहुत तेजी से घने जंगल विकसित किए जा सकते हैं।
अनिवार्य होगी जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) और सुरक्षा व्यवस्था
अभियान में पारदर्शिता और पौधों की शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कड़े नियम तय किए गए हैं:
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जियो-टैगिंग अनिवार्य: रोपे जाने वाले प्रत्येक पौधे की अनिवार्य रूप से जियो-टैगिंग कराई जाएगी ताकि उसकी लोकेशन और विकास की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सके।
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ट्री-गार्ड और सिंचाई: पौधों को मवेशियों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड, ट्री-केस और नियमित सिंचाई के लिए पुख्ता वॉटरिंग सिस्टम की व्यवस्था संस्थान स्तर पर की जाएगी।
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शिक्षकों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी: प्रत्येक नोडल अधिकारी, प्राचार्य और शिक्षक स्वयं भी अनिवार्य रूप से कम से कम एक पौधा लगाएंगे और उसके बड़े होने तक उसके संरक्षण की व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी (Personal Responsibility) संभालेंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के चलते उत्तर प्रदेश आज पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पूरे देश के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण पेश कर रहा है। उन्होंने सभी कुलपतियों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से इस अभियान को जनभागीदारी का एक महा-उत्सव मानकर इसमें सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया है।
