विद्यालय में मनाया गया रेडक्रॉस दिवस, बच्चों को मानव सेवा का दिया संदेश
उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस के जन्मदाता हेनरी डुनेट ने वर्ष 1859 में जेनेवा में युद्ध के बाद हजारों घायल लोगों को पीड़ा में तड़पते देखा था। उस दर्दनाक दृश्य ने उनके मन को झकझोर दिया और उसी समय उन्होंने मानव सेवा के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। उनके प्रयासों से रेडक्रॉस संस्था की स्थापना हुई, जो आज विश्वभर में जरूरतमंदों की सहायता कर रही है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा और संकट के समय रेडक्रॉस संस्था स्वैच्छिक सेवा प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मानवता और सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी शिक्षक ने विद्यार्थियों को रेडक्रॉस सोसायटी से जुड़कर समाज सेवा में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिवार ने इस अवसर पर मानवता, सेवा और सहयोग का संदेश दिया।
