REIT Investment: लखनऊ में इंडियन रिट एसोसिएशन का पहला जागरूकता कार्यक्रम; जानें क्या है REITs और इसमें निवेश के फायदे
बिजनेस डेस्क, लखनऊ (12 जून 2026): भारतीय वित्तीय बाजार में निवेश के आधुनिक और सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण गतिविधि सामने आई है। इंडियन रिट एसोसिएशन (Indian REITs Association - IRA) ने आज नवाबों के शहर लखनऊ में अपना पहला रिट जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया।
इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवेशकों को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) के बारे में विस्तार से जानकारी देना और निवेश के एक नए व उभरते हुए विकल्प के रूप में इसकी असीम संभावनाओं से रूबरू कराना था।
क्या होते हैं REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट)?
आसान शब्दों में समझें तो जिस तरह म्यूचुअल फंड आम निवेशकों से पैसा इकट्ठा कर शेयर बाजार या बॉन्ड्स में निवेश करते हैं, ठीक उसी तरह REITs (रिट) पूरी तरह से विनियमित निवेश साधन (Regulated Investment Vehicles) हैं, जो प्रीमियम वर्क प्लेस (ऑफिस स्पेस) और बड़े शॉपिंग सेंटरों जैसी आय उत्पन्न करने वाली कमर्शियल रियल एस्टेट संपत्तियों को खरीदते और उनका संचालन करते हैं।
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नियमित आय का जरिया: इन कमर्शियल एसेट्स से जो भारी-भरकम किराया (Rental Income) प्राप्त होता है, उसे लाभांश या डिविडेंड के रूप में निवेशकों के मध्य वितरित कर दिया जाता है।
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शेयरों की तरह आसान ट्रेडिंग: आम रियल एस्टेट (जमीन या मकान) की तरह इसमें बड़ी पूंजी फंसाने और बेचने की झंझट नहीं होती। रिट यूनिट्स स्टॉक एक्सचेंजों (NSE/BSE) पर सूचीबद्ध होती हैं, जिन्हें शेयर की तरह कभी भी खरीदा और बेचा जा सकता है, जो इसे बेहद लिक्विड (आसान) निवेश विकल्प बनाता है।
सेबी (SEBI) का सख्त नियम: 90% हिस्सा बांटना अनिवार्य
सेबी के नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध रिट (Listed REITs) के लिए यह कानूनी रूप से अनिवार्य है कि वे अपने नेट बांटने योग्य नकदी प्रवाह (Net Distributable Cash Flow) का कम से कम 90 फीसदी हिस्सा अपने यूनिटधारकों (निवेशकों) में वितरित करें। नियामकीय जरूरत के अनुसार यह वितरण साल में कम से कम दो बार होना चाहिए, हालांकि वर्तमान में भारत के सभी सूचीबद्ध रिट तिमाही (Quarterly) आधार पर अपने निवेशकों को आय का वितरण कर रहे हैं।
2.7 लाख करोड़ के पार पहुंचा असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM)
साल 2019 में भारत के पहले रिट की शुरुआत के बाद से इस सेक्टर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। कार्यक्रम में बोलते हुए माइंडस्पेस रिट की मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और इंडियन रिट एसोसिएशन की कार्यकारी समिति की सदस्य सुश्री प्रीति छेड़ा (CFA) ने बताया भारत में पहले REIT के लॉन्च के बाद से इस सेक्टर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आज सूचीबद्ध रिट्स का असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के आंकड़े को पार कर चुका है। यह सेक्टर सशक्त सेबी नियमों के तहत पूरी तरह सुरक्षित है। आकर्षक रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न और निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने रिट को एक पसंदीदा निवेश विकल्प बना दिया है, जो नियमित आय के साथ कैपिटल एप्रिसिएशन (पूंजी मूल्यवृद्धि) भी देता है।"
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और इक्विटी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन
नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट के सीएफओ (CFO) और एसोसिएशन के सदस्य श्री नीरज तोष्नीवाल ने पारंपरिक निवेश साधनों से तुलना करते हुए इसकी उपयोगिता समझाई। उन्होंने कहा:
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जोखिम का संतुलन: जहाँ सावधि जमा (FD) अपनी स्थिरता के लिए और इक्विटी (शेयर बाजार) लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए जाने जाते हैं, वहीं REITs इन दोनों का एक शानदार मिलाजुला रूप प्रदान करते हैं।
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पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में जब निवेशक ऐसे एसेट क्लास की तलाश करते हैं जो जोखिम को कम कर सके, तब रिट्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह नियमित कमाई के साथ-साथ आपके निवेश पोर्टफोलियो को विविधता (Diversification) प्रदान करता है।
भारत में वर्तमान में सक्रिय 6 सूचीबद्ध रिट्स (Listed REITs in India):
वर्ष 2019 से लेकर जून 2026 तक भारतीय बाजारों में कुल छह रिट्स सफलतापूर्वक लिस्टेड हो चुके हैं, जिनमें निवेशक ट्रेडिंग कर सकते हैं:
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ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट (Brookfield India Real Estate Trust)
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एम्बेसी ऑफिस पार्क्स रिट (Embassy Office Parks REIT)
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नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट (Knowledge Realty Trust)
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माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रिट (Mindspace Business Parks REIT)
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नेक्सस सिलेक्ट ट्रस्ट (Nexus Select Trust)
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बगमाने प्राइम ऑफिस रिट (Bagmane Prime Office REIT)
