अरावली पर नया संकट” पुस्तक का लोकार्पण, जल संरक्षण और पर्यावरण चेतना पर केंद्रित सशक्त विमर्श
अलवर (राजस्थान)। प्रसिद्ध जल संरक्षण आंदोलनकारी और ‘वॉटरमैन ऑफ इंडिया’ के रूप में विख्यात डॉ. राजेन्द्र सिंह द्वारा लिखित तथा वरिष्ठ पर्यावरणविद् प्रो. भरत राज सिंह द्वारा संपादित पुस्तक “अरावली पर नया संकट” का लोकार्पण अलवर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
लोकार्पण अवसर पर विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने अलवर क्षेत्र का भ्रमण कर डॉ. राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में किए गए जल संरक्षण और जल पुनर्भरण कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। प्रतिनिधियों ने बावड़ियों, तालाबों, पोखरों एवं पारंपरिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन के प्रयासों को देखा, जिनसे न केवल भूजल स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि क्षेत्र की भूमि उर्वरता भी पुनः सशक्त हुई है। इस भ्रमण में एस.एम.एस. (स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज) के बी.बी.ए. छात्र उत्कर्ष सिंह की भी सहभागिता रही।
डॉ. राजेन्द्र सिंह ने पुस्तक के संपादन कार्य के लिए प्रो. भरत राज सिंह (वर्तमान में महानिदेशक (तकनीकी), स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ) की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा किया गया संपादन, साथ ही सारगर्भित भूमिका एवं दो शब्द, पुस्तक की प्रामाणिकता और प्रभाव को और अधिक मजबूत बनाते हैं। यह कृति अरावली क्षेत्र में बढ़ते पर्यावरणीय संकटों की ओर गंभीर ध्यान आकर्षित करती है और संरक्षण के लिए ठोस विचार प्रस्तुत करती है।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शरद सिंह के प्रयासों की भी विशेष चर्चा की गई। डॉ. राजेन्द्र सिंह ने बताया कि श्री शरद सिंह के नेतृत्व में एसएमएस परिसर को रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के माध्यम से शत-प्रतिशत हरित ऊर्जा पर संचालित किया जा रहा है, जो सतत विकास की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है।पुस्तक लोकार्पण समारोह जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सकारात्मक और प्रेरक संदेश देने में सफल रहा।
