प्रख्यात ज्योतिषी ऋतु सिंह को मिली ‘शिवाश्री’ उपाधि
लखनऊ। देश की प्रसिद्ध ज्योतिषी एवं शिव कथा मर्मज्ञ ऋतु सिंह को सोमवार को अयोध्या स्थित जानकी घाट बड़ा स्थान मंदिर में आयोजित विशेष समारोह में ‘शिवाश्री’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पूज्य संत जन्मेजय शरण महाराज द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पल मठ और सनातन परंपरा के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार तथा उसकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को बढ़ाने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
जन्मेजय शरण महाराज ने कहा कि ऋतु सिंह को उनकी शिवभक्ति, वैदिक ज्योतिष के गहन ज्ञान तथा किशोरी जी और राधा जी के प्रति अनन्य निष्ठा के लिए ‘शिवाश्री’ की उपाधि प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब उन्हें “शिवाश्री ऋतु” के नाम से जाना जाएगा तथा वे आध्यात्मिक रूप से इस प्राचीन पीठ से जुड़कर धर्म प्रचार का कार्य भी करेंगी।
सम्मान प्राप्त करने के बाद ऋतु सिंह ने कहा कि यह उनके जीवन का अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने इस सम्मान के लिए पूज्य महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभु कृपा से ही जीवन में ऐसे अवसर प्राप्त होते हैं, जो परिवार, समाज और कुल को गौरवान्वित करते हैं। उन्होंने कहा कि वह “शिवाश्री ऋतु” नाम को सहर्ष स्वीकार करती हैं।

देश और विदेशों में लोकप्रिय ऋतु सिंह को वैदिक ज्योतिष में उनके शोध एवं योगदान के लिए पूर्व में भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। राजनीतिक, सामाजिक, कॉरपोरेट और फिल्म जगत से जुड़े अनेक लोग समय-समय पर उनसे ज्योतिषीय और आध्यात्मिक परामर्श प्राप्त करते हैं।
शैक्षिक रूप से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त ऋतु सिंह ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से ज्योतिष की शिक्षा हासिल की है। ज्योतिष विषय पर लिखी उनकी पुस्तक सात अनाश्य हैं ब्रह्मांड के अंत तक पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। उनकी नई पुस्तक “रत्न ग्रंथ” भी शीघ्र प्रकाशित होने वाली है।
