अर्श सिटी में रावण दहन के साथ लिया सामाजिक एकता का संकल्प, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश

लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)। अर्श सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में विगत वर्षों की परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अर्श सिटी के निवासियों ने आपसी सहयोग से रावण का पुतला तैयार किया और रात 9 बजे उसका दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।

 
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लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)। अर्श सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में विगत वर्षों की परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अर्श सिटी के निवासियों ने आपसी सहयोग से रावण का पुतला तैयार किया और रात 9 बजे उसका दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।

कार्यक्रम को लेकर चार दिन पहले आयोजित माता की चौकी के दौरान समिति के सदस्यों के बीच चर्चा हुई थी। कुछ लोगों के बाहर जाने के कारण इस बार रावण दहन का आयोजन नहीं करने की बात सामने आई। इस पर अर्श सिटी निवासी अभिषेक गुप्ता और उनके साथियों ने पहल करते हुए सभी से आग्रह किया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी रावण दहन की परंपरा जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुतला भले ही छोटा हो, लेकिन आयोजन अवश्य होना चाहिए। उनके इस सुझाव पर सभी ने सहमति जताई।

इसके बाद जितेंद्र कुमार, सोमदत्त, अजय सैनी, सागर सैनी, सूर्या, हर्षित, लड्डू, अभिनव गुप्ता (पारुल) और अंकुल गुप्ता (गोलू) ने आपसी सहयोग से महज दो दिनों में रावण का पुतला तैयार कर दिया। सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रावण दहन के दौरान अर्श सिटी और केशवपुरम के कई निवासी मौजूद रहे। इस अवसर पर लोगों ने सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि क्षेत्र में रहने वाले हर व्यक्ति को साथ लेकर चलना जरूरी है। कोई छोटा या बड़ा नहीं है, बल्कि सभी समान हैं। मिल-जुलकर काम करने से ही क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव है।लोगों ने कहा कि भगवान श्रीराम की सच्ची पूजा तभी सार्थक होगी, जब उनके आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए समाज में समानता, सद्भाव और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा।कार्यक्रम का समापन सूक्ष्म जलपान और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ हुआ। रावण दहन ने जहां बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया, वहीं सामूहिक प्रयास और सामाजिक एकजुटता की मिसाल भी पेश की।

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