RISE UP: लखनऊ में सजेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर समिट 'राइज़ यूपी'; मंत्री जयवीर सिंह ने किया कर्टेन रेज़र का अनावरण
लखनऊ, 08 जून 2026:
वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षमता हासिल करने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के बीच, उत्तर प्रदेश देश के 'ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर' को गति देने में सबसे अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। इसी श्रृंखला में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज लखनऊ में उत्तर भारत के अब तक के सबसे बड़े रियल एस्टेट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एक्सपो ‘राइज़ यूपी’ (RISE UP) के कर्टेन रेज़र का भव्य शुभारंभ किया और इस मेगा इवेंट की औपचारिक घोषणा की।
हरित ऊर्जा (Green Energy) और नेट-ज़ीरो (Net-Zero) भवनों की थीम पर आधारित यह तीन दिवसीय ऐतिहासिक आयोजन 2 से 4 अक्टूबर, 2026 तक लखनऊ के शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में आयोजित किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल समिट का संचालन प्रसिद्ध संस्था रीगल नेक्सस द्वारा किया जा रहा है।
तेजी से बदल रहा है देश और प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार
आज भारत अपने बुनियादी ढांचे और रियल एस्टेट विकास के एक अभूतपूर्व मोड़ पर खड़ा है। वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर बाजार के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं:
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रियल एस्टेट का उछाल: वर्ष 2025 में लगभग 45 लाख करोड़ रुपये मूल्य वाला देश का रियल एस्टेट बाज़ार 13% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ वर्ष 2032 तक 100 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति: देश का इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र भी वर्ष 2026 में 173 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2031 तक 250 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की राह पर है, जिसे देश के एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मेट्रो कॉरिडोर से गति मिल रही है।
इस राष्ट्रीय परिदृश्य में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इस अभूतपूर्व आर्थिक और बुनियादी ढांचे के परिवर्तन का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का प्रमुख आधार है सतत इंफ्रास्ट्रक्चर: जयवीर सिंह
कर्टेन रेज़र समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा:
"आज उत्तर प्रदेश एक स्पष्ट दृष्टिकोण और सुव्यवस्थित निवेश रोडमैप के बल पर वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश गंतव्य बन चुका है। हम जो प्रत्येक नया एक्सप्रेसवे बना रहे हैं, जिन अत्याधुनिक टाउनशिप की योजना बना रहे हैं और जिन सोलर रूफटॉप्स को बढ़ावा दे रहे हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि यह राज्य तेज़ गति के साथ-साथ जिम्मेदारी (Eco-friendly) से विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। 'राइज़ यूपी' दुनिया भर के निवेशकों और डेवलपर्स के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हम एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर हैं और सतत इंफ्रास्ट्रक्चर इस यात्रा का प्रमुख आधार है।"
स्मार्ट और सतत विकास के लिए 'मार्केट कोऑर्डिनेशन इकोसिस्टम'
प्लेटफ़ॉर्म के विज़न पर प्रकाश डालते हुए एके प्रॉपर्टी सॉल्यूशंस ऐप के सीएमडी तथा रीगल नेक्सस के पार्टनर श्री हिमांशु कुशवाहा ने कहा कि रियल एस्टेट का भविष्य केवल कंक्रीट की इमारतें खड़ी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विकास करने में निहित है।
उन्होंने आगे कहा, "राइज़ यूपी एक पारंपरिक प्रदर्शनी से कहीं आगे बढ़कर उत्तर भारत की रियल एस्टेट अर्थव्यवस्था के लिए एक उच्च-प्रभावी 'मार्केट कोऑर्डिनेशन इकोसिस्टम' का निर्माण करता है। यह मंच डेवलपर्स को सीधे पूंजी, आधुनिक ग्रीन टेक्नोलॉजी और सरकारी नीति-निर्माताओं से जोड़ेगा, ताकि पर्यावरण स्थिरता से जुड़ी बड़ी परियोजनाएँ केवल कागजों या विचारों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर साकार हो सकें।"
नेट-ज़ीरो भवन और 5 मॉडल सोलर सिटीज का लक्ष्य
चूंकि देश का भवन (Building) निर्माण क्षेत्र कुल ऊर्जा खपत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा उपयोग करता है, इसलिए पेरिस समझौते के तहत भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप इस समिट में 'ऊर्जा संरक्षण' पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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मॉडल सोलर सिटी: यह आयोजन वर्ष 2027 तक 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तथा उत्तर प्रदेश के पाँच प्रमुख सांस्कृतिक एवं धार्मिक शहरों (अयोध्या, वाराणसी, आदि) को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की पहल को रणनीतिक रूप से समर्थन देगा।
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लखनऊ, नोएडा, आगरा, वाराणसी और अयोध्या जैसे शहरों में हो रहे तीव्र शहरीकरण के बीच ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर लागू करने का यह देश का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है।
10,000 से अधिक आगंतुक और 150 प्रदर्शक होंगे शामिल
अक्टूबर में आयोजित होने वाले इस भव्य एक्सपो में 10,000 से अधिक प्रतिभागियों, 150 से अधिक बड़े प्रदर्शकों और 100 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों व वैश्विक नेताओं के शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
समिट के दौरान अवध शिल्प ग्राम में आर्किटेक्चर एवं डिज़ाइन नवाचार, स्मार्ट लिविंग टेक्नोलॉजी तथा प्रीमियम डेवलपर-इन्वेस्टर मीट-अप्स के लिए विशेष और समर्पित ज़ोन बनाए जाएंगे। प्रदर्शकों की श्रेणियों में निर्माण क्षेत्र की अग्रणी राष्ट्रीय कंपनियां, बड़े वित्तीय संस्थान, स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी प्रदाता और सोलर ऊर्जा समाधान कंपनियां शामिल होंगी, जो उत्तर प्रदेश के भविष्य के शहरी परिवर्तन को एक नया आयाम देंगी।
