कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में होंगे छह प्रमुख निर्माण कार्य, 101.49 करोड़ रुपये जारी
लखनऊ, सितंबर 2026। प्रदेश में बेटियों की शिक्षा को और मजबूत बनाने के साथ उन्हें सुरक्षित एवं सुविधायुक्त विद्यालयी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 101.49 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।
जारी धनराशि से प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छह प्रमुख निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इनमें अतिरिक्त डॉरमेट्री का निर्माण, जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सेप्टिक टैंक और बाउंड्री वॉल का निर्माण शामिल है। इन कार्यों का उद्देश्य विद्यालयों में छात्राओं की आवासीय क्षमता बढ़ाने के साथ स्वच्छता एवं सुरक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण सरकार की प्राथमिकता
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त विद्यालयी वातावरण तैयार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित निर्माण कार्य पूरे होने के बाद छात्राओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण के साथ उनकी आवश्यक आवासीय, स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।
आवासीय क्षमता और सुरक्षा में होगा सुधार
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों की योजना तैयार की गई है। अतिरिक्त डॉरमेट्री बनने से विद्यालयों की आवासीय क्षमता बढ़ेगी, जबकि जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण से छात्राओं के लिए अधिक सुरक्षित भवन उपलब्ध होंगे।
इसी तरह टॉयलेट ब्लॉक और सेप्टिक टैंक के निर्माण से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं गार्ड रूम और बाउंड्री वॉल के निर्माण से विद्यालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद कस्तूरबा विद्यालयों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त आवासीय शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
कार्यदायी संस्था को मिली जिम्मेदारी
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को इन निर्माण कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था बनाया गया है। स्वीकृत लागत के सापेक्ष धनराशि अवमुक्त कर दी गई है और निर्माण कार्यों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राज्य स्तर से स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से शुरू कराने के लिए संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कार्यदायी संस्था के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य विद्यालयवार निर्माण कार्यों की प्रगति में तेजी लाना और सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराना है।
