फैजुल्लागंज को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए ₹182 करोड़ से बनेगा बंधा: राजनाथ सिंह
रक्षामंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को वितरित की राहत सामग्री, 10 हजार अतिरिक्त राशन किट घर-घर पहुंचाने का ऐलान
लखनऊ, 15 अक्टूबर। केंद्रीय रक्षामंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने बुधवार को आईआईएम रोड स्थित अल्लूनगर डिगुरिया चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से संवाद कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए आईआईएम रोड से फैजुल्लागंज तक ₹182 करोड़ की लागत से बंधे का निर्माण शीघ्र शुरू कराया जाएगा।
10 हजार अतिरिक्त राशन किट घर-घर पहुंचाई जाएंगी
बाढ़ प्रभावित परिवारों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि फैजुल्लागंज में बाढ़ आने के बाद से ही उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी से लगातार बातचीत होती रही है। वह प्रतिदिन क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लेते रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और प्रभावित परिवारों की जरूरतों से उन्हें लगातार अवगत कराया है।
रक्षामंत्री ने कहा कि मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों से तत्काल बातचीत की। मुख्यमंत्री की ओर से आईआईएम रोड से फैजुल्लागंज तक ₹182 करोड़ की लागत से बंधा निर्माण कराने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना का शिलान्यास कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा।
प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा, “आप लोग आश्वस्त रहिए, हम लोगों के रहते हुए फैजुल्लागंज को बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।”उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आपदा से तुरंत छुटकारा पाना संभव नहीं है। इसके लिए धैर्य के साथ योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और कार्यकर्ता प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगी राहत सामग्री
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए 10 हजार अतिरिक्त राशन किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इन्हें घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री से वंचित न रहना पड़े।बाढ़ के बाद बीमारियां फैलने की आशंका पर उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधि लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रतिनिधियों से भी उनकी बातचीत हुई है। फाउंडेशन ने आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इसके अतिरिक्त फैजुल्लागंज के लिए 10 हजार पैकेट और उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
यह भाषण देने का नहीं, लोगों को भरोसा दिलाने का समय है”
रक्षामंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें भरोसा दिलाना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, “यह भाषण देने का समय नहीं है, बल्कि संकट की इस घड़ी में आपके बीच आकर आपको भरोसा दिलाने का समय है कि हम सब आपके साथ हैं।”
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “आप लोगों के लिए जो कुछ भी मैं कर रहा हूं, वह कोई एहसान नहीं है, बल्कि हमारा फर्ज है। हम अपना कर्ज निभा रहे हैं। आप हमारे संसदीय क्षेत्र के मतदाता हैं और आप ही हमारे भाग्य का फैसला करते हैं। चाहे मैं हूं या क्षेत्र के विधायक हों या पार्षद हों, बल्कि आपका हमारे ऊपर एहसान है। उस एहसान को चुकाने के लिए मुझे जो कुछ भी करना पड़ेगा, वह करेंगे।”
राजनाथ सिंह ने दोहराया कि फैजुल्लागंज के लोगों को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ला और ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, रामचंद्र सिंह प्रधान, मुकेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, रक्षामंत्री के विशेष कार्याधिकारी के.पी. सिंह, सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राघवेंद्र शुक्ल उपस्थित रहे।इसके अलावा वृंदावन चंद्रोदय मंदिर, अक्षय पात्र फाउंडेशन एवं इस्कॉन, बेंगलुरु के प्रतिनिधि श्याम किशोर दासा, पार्टी पदाधिकारी, क्षेत्रीय कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
जनसंपर्क: डॉ. राघवेंद्र शुक्ल, जनसंपर्क अधिकारी
दिवाकर त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि

