ग्रामीण पत्रकारिता दिवस: बालेश्वर लाल की 39वीं पुण्यतिथि पर पत्रकारों और पूर्व सैनिकों का हुआ सम्मान
"लोक कल्याण ही पत्रकारिता का असली धर्म" — महामंडलेश्वर कौशलेन्द्र गिरी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीनाथ बाबा मठ (रसड़ा) के पीठाधीश्वर व महामंडलेश्वर कौशलेन्द्र गिरी ने दीप प्रज्वलित कर गोष्ठी की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
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संवाद की ताकत: समाज की पूरी व्यवस्था संवाद पर टिकी है। यदि हमारा संवाद सही और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा, तो इसके परिणाम भी समाज के लिए हमेशा बेहतर होंगे।
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बाजारीकरण से दूर ग्रामीण पत्रकार: ग्रामीण पत्रकारों का कमर्शियलाइजेशन या बाजारीकरण से कोई लेना-देना नहीं होता। वे आज भी पूरी निष्ठा से गाँव की जमीनी हकीकत, जनसमस्याओं और परिस्थितियों को शासन-प्रशासन के सामने लाते हैं।
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नारद जी की प्रेरणा: आदि पत्रकार देवर्षि नारद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यों का उद्देश्य हमेशा लोक-कल्याण होता था। आज के पत्रकारों में भी यदि लोक-कल्याण की भावना रहेगी, तो वे पत्रकारिता के मूल स्वरूप को बचाए रख सकेंगे।
सोशल मीडिया के दौर में ग्रामीण पत्रकारों की चुनौती
विशिष्ट अतिथि और संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश द्विवेदी ने आधुनिक तकनीकी और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया लोगों को सोचने-समझने का वक्त नहीं देता और इंसानी दिमाग को अपने तरीके से कंट्रोल करने की कोशिश करता है। ऐसे दौर में इस तकनीक को सही और सकारात्मक दिशा देने की बड़ी जिम्मेदारी ग्रामीण पत्रकारों के कंधों पर है।इस वैचारिक गोष्ठी के दौरान समाज और देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिकों तथा क्षेत्र के कर्मठ पत्रकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का स्वागत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार ने किया, जबकि जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह ने आभार व्यक्त किया। मंच का कुशल संचालन प्रदेश कोषाध्यक्ष छोटेलाल चौधरी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: संस्थापक सदस्य डॉ. विनय सिंह, भोला प्रसाद आग्नेय, डॉ. जनार्दन राय, पूर्व विधायक सुधीर राय, विधायक संग्राम सिंह यादव, आनंद प्रकाश सिंह, दीपक कन्नौजिया, ददन राम, अजय सिंह, नथुनी सिंह, धनेश पांडेय, संतोष सिंह, प्रवीण सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, सुनील शर्मा, ब्रजेश दुबे, मुकेश चौहान, प्रभाकर सिंह, अभिजीत सिंह और भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, पूर्व सैनिक व पत्रकार साथी।
