SCO समिट में रूस का बड़ा तोहफ़ा: भारत बनेगा नया एयरलिफ्ट किंग
Russia's big gift at the SCO Summit: India will become the new airlift king
Mon, 8 Sep 2025
SCO समिट के दौरान पूरी दुनिया की नज़रें रूस, चीन और भारत पर टिकी थीं। इसी बीच रूस ने भारत को ऐसा रणनीतिक तोहफ़ा दिया जिसने चीन और पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी और अमेरिका तक बेचैन हो उठा। यह तोहफ़ा कोई साधारण सौदा नहीं बल्कि 100 टन क्षमता वाला IL-100 स्लोन (Slon) सुपर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है।
क्यों है यह सौदा खास?
IL-100 स्लोन सिर्फ़ एक एयरलिफ्ट विमान नहीं, बल्कि भारत के लिए भविष्य की टेक्नोलॉजी का दरवाज़ा भी है। इस डील के साथ भारत को रूस की सीक्रेट इंजन तकनीक भी मिलेगी, जो देश के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) को नई ताक़त देगी। यह तकनीक भारत के 5वीं और 6वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को और भी मज़बूत बनाएगी।
पुराने से नए की ओर
भारतीय वायुसेना 1980 के दशक से रूस निर्मित IL-76 ट्रांसपोर्ट विमान का इस्तेमाल कर रही है। लेकिन अब यह बेड़ा पुराना हो चुका है। ऐसे में IL-100 स्लोन भारत को आधुनिक एयरलिफ्ट क्षमता देगा।
इसका डिज़ाइन अमेरिकी C-17 Globemaster III जैसा है। यह 90,000 किलोग्राम से ज़्यादा पेलोड उठा सकता है, जो भारतीय वायुसेना के मौजूदा C-17 विमानों से भी अधिक है।
डिज़ाइन और विशेषताएँ
चार इंजन वाला डिज़ाइन
टी-टेल और रियर-रैंप डोर
मजबूत धड़ (फ्यूज़लेज) – बड़े और भारी उपकरणों की ढुलाई के लिए
बेहतर वायुगतिकी के लिए विंगलेट्स
कठिन और छोटे रनवे पर भी टेकऑफ़/लैंडिंग की क्षमता
यह विमान सैन्य अभियानों, आपदा राहत और मानवीय मिशनों में बड़ी भूमिका निभा सकेगा। खासतौर पर लद्दाख और पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में इसकी अहमियत और बढ़ जाएगी।
ताक़तवर इंजन – PD-35 टर्बोफैन
IL-100 स्लोन की जान है रूस का विकसित PD-35 टर्बोफैन इंजन, जिसे एवियाडविगाटेल (Aviadvigatel) कंपनी बना रही है।
प्रति इंजन 35 टन तक थ्रस्ट
3.1 मीटर का विशाल फैन डायमीटर
कंपोज़िट सामग्री और सेरामिक मैट्रिक्स तकनीक का प्रयोग
उच्च तापमान सहनशीलता (1450°C तक)
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) तकनीक से बने हल्के पार्ट्स
इस इंजन का परीक्षण चरण 2021 से चल रहा है और 2029 तक इसके उत्पादन की संभावना है।
भारत के लिए संदेश
यह सौदा सिर्फ़ रक्षा सहयोग नहीं, बल्कि रूस की ओर से भारत को दिया गया एक रणनीतिक संकेत है—“हम आपको सुपरपावर बनने में साथ देंगे।” IL-100 स्लोन भारत को दुनिया की गिनती के उन देशों में खड़ा करेगा जिनके पास सुपर हैवी एयरलिफ्ट क्षमता है।
