उत्तर प्रदेश के 11 राजकीय जिला पुस्तकालयों में शुरू हुआ 'साथी अध्ययन केंद्र', प्रतियोगी छात्रों को मिलेगा IIT कानपुर का तकनीकी सहयोग
इस परियोजना का उद्घाटन माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव चन्द्र भूषण सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने इसे एक दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल सामग्री तक नि:शुल्क और सुलभ पहुँच प्रदान करेगी।
डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित होंगे पुस्तकालय
सरकार की मंशा है कि राज्य के सार्वजनिक पुस्तकालयों को इंटरनेट, कंप्यूटर और ई-लर्निंग संसाधनों से लैस किया जाए, जिससे यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग और राज्य स्तरीय लोक सेवा आयोग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लाभान्वित हो सकें। ‘साथी एप’ के माध्यम से छात्र कहीं से भी अपडेटेड और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री तक पहुंच सकेंगे।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह परियोजना विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग या संसाधनों का लाभ नहीं उठा पाते। अब वे पुस्तकालयों के माध्यम से डिजिटल रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। परियोजना के सुचारु संचालन के लिए पुस्तकालयाध्यक्षों और संबंधित स्टाफ को निरंतर संवाद व सहयोग बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों ने साझा की अपनी बात
विशेष कार्याधिकारी (पुस्तकालय), शान्त्वना तिवारी ने परियोजना के स्वरूप और उद्देश्यों को विस्तार से समझाया, वहीं विशेष सचिव उमेश चन्द्र ने इसे गरीब व मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। इस अवसर पर निरंजन प्रसाद (अनु सचिव), प्रेम चन्द्र (उप शिक्षा निदेशक), राहुल गर्ग और प्राची गर्ग (निदेशक, ईडी.टेक, साथी-IIT कानपुर) समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
