एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक सफीना हुसैन ‘टाइम वुमन ऑफ द ईयर 2026’ में शामिल

Educate Girls founder Safina Hussain named among Time Women of the Year 2026
 
एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक सफीना हुसैन ‘टाइम वुमन ऑफ द ईयर 2026’ में शामिल

मुंबई, फरवरी 2026:  भारत में लड़कियों की शिक्षा के लिए समर्पित संस्था एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक सफीना हुसैन को टाइम की प्रतिष्ठित ‘टाइम वुमन ऑफ द ईयर 2026’ सूची में शामिल किया गया है। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने और समानता के लिए काम करने वाली महिलाओं को प्रदान किया जाता है।

सफीना हुसैन 16 वैश्विक सम्मानित महिलाओं में से एक हैं। इस सूची में अभिनेत्री टियाना टेलर, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता सिडनी मैक्लॉघलिन-लेवरोन, प्रसिद्ध अभिनेत्री और निर्माता लूसी ल्यू तथा अभिनेत्री और गायिका शर्ली ली राल्फ जैसी हस्तियां भी शामिल हैं।यह वैश्विक पहचान सफीना हुसैन के उस मिशन को रेखांकित करती है, जो शिक्षा में लैंगिक अंतर को कम करने के लिए समर्पित है।

2007 में हुई थी स्थापना

सफीना हुसैन ने वर्ष 2007 में एजुकेट गर्ल्स की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण, दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल से बाहर रह जाने वाली लड़कियों को शिक्षा से जोड़ना है। राजस्थान के कुछ गांवों से शुरू हुआ यह प्रयास आज 30,000 से अधिक गांवों और 12 राज्यों तक पहुंच बना चुका है और भारत में लड़कियों की शिक्षा के समर्थन का एक बड़ा सामुदायिक मॉडल बन गया है।

टाइम को दिए गए साक्षात्कार में सफीना हुसैन ने कहा,पहले दिन से लेकर आज तक, हमारा ध्यान सिर्फ पढ़ाई से दूर रहने वाली लड़कियों पर रहा है। मुझे पता है कि पीछे रह जाने का एहसास कैसा होता है।”

उपलब्धियों से भरा रहा वर्ष 2025

वर्ष 2025 संस्था के लिए ऐतिहासिक रहा। एजुकेट गर्ल्स ने प्रतिष्ठित रमन मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त किया और ऐसा करने वाली पहली भारतीय संस्था बनी।

इसके अलावा, संस्था ने अपने TED Audacious Project के लक्ष्य को पूरा करते हुए 20 लाख से अधिक स्कूल से बाहर लड़कियों को शिक्षा में वापस लाने में मदद की।

सफीना हुसैन की पुस्तक एवरी लास्ट गर्ल: अ जर्नी टू एजुकेट इंडियाज़ फॉरगॉटन डॉटर्स भी जनवरी 2026 में प्रकाशित हुई, जिसमें उन्होंने अपने व्यक्तिगत सफर को वंचित समुदायों की लड़कियों की कहानियों के साथ जोड़ा है।

2035 तक 1 करोड़ लड़कियों तक पहुंचने का लक्ष्य

इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए सफीना हुसैन ने कहा,यह सम्मान भारत में लड़कियों की शिक्षा के आंदोलन पर ध्यान आकर्षित करता है और हमारी लड़कियों के साहस और संकल्प को उजागर करता है। हमारा लक्ष्य 2035 तक एक करोड़ और लड़कियों तक पहुंच बनाना है।”

एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने कहा कि यह सम्मान सरकार, स्थानीय समुदायों और 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के सहयोग को भी मान्यता देता है, जिनके प्रयासों से यह परिवर्तन संभव हुआ है।

10 मार्च को लॉस एंजेलेस में होगा सम्मान समारोह

टाइम 10 मार्च को लॉस एंजेलेस में आयोजित ‘वुमन ऑफ द ईयर लीडरशिप फोरम’ और ‘वुमन ऑफ द ईयर गाला’ में वर्ष 2026 की सम्मानित महिलाओं का अभिनंदन करेगा। सफीना हुसैन और एजुकेट गर्ल्स को मिली यह पहचान शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

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