सहाना ने मुझे कई नई रेसिपी सिखा दी” सृष्टि जैन

Sahana taught me many new recipes” – Srishti Jain
 
सहाना ने मुझे कई नई रेसिपी सिखा दी” सृष्टि जैन

ज़ी टीवी के लोकप्रिय शो ‘गंगा माई की बेटियां’ में रसोई से जुड़े दृश्य दर्शकों को खासा आकर्षित करते हैं। शो की बड़ी बेटी सहाना का किरदार निभा रहीं सृष्टि जैन इन सीनों में न सिर्फ पारंपरिक भारतीय व्यंजन बनाना सीख रही हैं, बल्कि कैमरे पर हर डिश को असली, ताज़ा और स्वादिष्ट दिखाने के लिए पूरी मेहनत भी कर रही हैं।

रसोई वाले दृश्यों को सहज और स्वाभाविक दिखाना जितना सरल लगता है, उतना होता नहीं। तेज़ लाइट्स, कैमरे और शूटिंग शेड्यूल के बीच सृष्टि हर सीन में पूरी तल्लीनता से काम करती हैं और दर्शकों को एक वास्तविक अनुभव देने में सफल रहती हैं। यह शो हर रात 9 बजे ज़ी टीवी पर प्रसारित होता है।

अभिनय के साथ सीख रहीं पाक-कला

अपने अनुभव साझा करते हुए सृष्टि जैन कहती हैंसहाना का किरदार निभाते हुए मुझे खाना बनाना सीखने का मौका मिल रहा है, जो मेरे लिए बेहद खास है। हर दिन सेट पर कुछ नया सीखने को मिलता है। कैमरे के सामने हर चीज़ को परफेक्ट दिखाना चुनौती भरा होता है, लेकिन सीन पूरा होने के बाद जो संतोष मिलता है, वह बेहद अद्भुत होता है। इससे मुझे सहाना की सरलता और उसके परिवार के प्रति समर्पण को समझने में मदद मिलती है।और मज़ेदार बात यह है कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक्टिंग करते-करते मैं एक तरह से ‘शेफ’ भी बन जाऊंगी। सहाना के किरदार ने मुझे कई रेसिपीज़ सिखा दी हैं, जिन्हें मैं घर पर भी बनाती हूं!”

सेट की रसोई—पूरी तरह असली!

‘गंगा माई की बेटियां’ की खासियत यह है कि शो में दिखाई जाने वाली रसोई किसी भी सामान्य सेट की तरह कृत्रिम नहीं लगती।

यहां इस्तेमाल होने वाली हर चीज़ वास्तविक है—

  • असली बर्तन

  • चूल्हा

  • मसाले

  • और पूरी किचन व्यवस्था

इससे कलाकारों को बिल्कुल घरेलू माहौल में शूट करने का अवसर मिलता है, जिससे हर सीन ज़्यादा स्वाभाविक और विश्वसनीय बनता है। दिलचस्प बात यह है कि शूट खत्म होने के बाद यही “ऑन-सेट ढाबा” टीम के भोजन की जगह बन जाता है। इस तरह रील और रियल लाइफ के बीच की दूरी और भी कम हो जाती है।

सहाना का सरल स्वभाव झलकता है हर दृश्य में

रसोई वाले दृश्यों के माध्यम से सहाना के चरित्र की जड़ें, उसकी पारिवारिक सोच और उसके संस्कार स्पष्ट रूप से सामने आते हैं। यही वजह है कि दर्शक न सिर्फ किरदार से जुड़ पाते हैं, बल्कि उसके घरेलू जीवन की गर्माहट भी महसूस करते हैं।

Tags