1965 के भारत-पाक युद्ध के वीर नायक को नमन: हरदोई में शहीद धर्मपाल सिंह की अष्टधातु प्रतिमा का हुआ भव्य अनावरण
हरदोई (उत्तर प्रदेश): मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों की शहादत को अमर बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। 'अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद हरदोई' के तत्वावधान में, शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद हुए वीर सैनिक धर्मपाल सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।
हरदोई में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह के दौरान मुख्य अतिथि और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रेमावती जी द्वारा सरकार द्वारा निर्मित इस विशेष अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण संपन्न हुआ।
महज 20 वर्ष की उम्र में देश के लिए हुए शहीद
वीर शहीद धर्मपाल सिंह का सैन्य जीवन बेहद प्रेरणादायक और शौर्य से भरा रहा। वे महज 20 वर्ष की अल्पायु में 4 नवंबर 1961 को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित राजपूत रेजीमेंट (15वीं रेजीमेंट) में देश सेवा के लिए भर्ती हुए थे। उन्होंने भर्ती होने के अगले ही साल 1962 के भारत-चीन युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया और देश की सीमाओं की रक्षा की।
इसके बाद, 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने मोर्चे पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाते हुए शौर्य की पराकाष्ठा पार की। 17 मई 1965 को भारत मां की रक्षा करते हुए उन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए और शहादत का सर्वोच्च मुकाम हासिल किया।

नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि, पूर्व सैनिकों का जुटा हुजूम
अनावरण के इस मुकद्दस मौके पर मुख्य अतिथि श्रीमती प्रेमावती ने अत्यंत भावुक होकर शहीद की प्रतिमा पर पुष्पचक्र (रीत) अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने शहीद के परिजनों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि राष्ट्र और समाज हमेशा इस वीर परिवार के साथ खड़ा रहेगा। शहीद धर्मपाल सिंह के पुत्र अशोक सिंह और उनके पूरे परिवार ने नम आंखों से अपने गौरवशाली पिता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में 'अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद' के पदाधिकारियों और पूर्व सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अवध प्रांत के सचिव राहुल सिंह फौजी ने बेहद शानदार तरीके से मंच का संचालन किया।शहीद को नमन करने और श्रद्धांजलि देने वालों में संगठन के जिला अध्यक्ष अवशेष कुमार सिंह फौजी, कप्तान राजेंद्र सिंह, सूबेदार महेंद्र पाल सिंह फौजी, जितेंद्र बहादुर सिंह फौजी, दिनेश सिंह फौजी, पुनीत सिंह, श्याम सिंह फौजी और रणजीत सिंह फौजी समेत भारी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल रहे।

उमड़ा ग्रामीणों और प्रशासन का सैलाब
इस ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाले क्षण का साक्षी बनने के लिए लोनार थाने की पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद परिवार के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों से आए बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने गगनभेदी नारों के साथ वीर शहीद धर्मपाल सिंह की अमर शहादत को नमन किया। पूरे क्षेत्र का माहौल देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

