समर्थ भारत ने एसआर ग्रुप में ब्यूटीशियन और वेलनेस प्रशिक्षुओं को बांटे प्रमाण-पत्र
लखनऊ। भाऊराव देवरस सेवा न्यास के ‘समर्थ भारत’ अभियान के तहत ‘हर हाथ हुनर, हर हाथ रोजगार’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (SRGI), बख्शी का तालाब में प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्यूटीशियन एवं वेलनेस का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं और युवतियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
समारोह में 152 प्रशिक्षुओं सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा।
ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
समारोह में SRGI के चेयरमैन एवं उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश सरकार के सहायक निदेशक, रोजगार नियोजन श्री सूर्यकांत, उद्योगपति श्री अश्वनी गर्ग/अश्वनी गुप्ता, अपोलो हॉस्पिटल समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, समर्थ भारत से श्री सोनल गुप्ता, डॉ. अरुण द्विवेदी एवं श्री संजय राय तथा सहकार भारती से श्री सुरेंद्र प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

हुनर के जरिए आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम के प्रारंभ में समर्थ भारत-भाऊराव देवरस सेवा न्यास (उत्तर प्रदेश) के संयोजक डॉ. विवेक ने संस्था की ओर से संचालित विभिन्न हुनर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि न्यास का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के हाथ में हुनर आने के बाद रोजगार के नए रास्ते खुलते हैं। इसी सोच के साथ समर्थ भारत की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को कौशल से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

ब्यूटी और वेलनेस सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं
मुख्य अतिथि और अन्य वक्ताओं ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ब्यूटीशियन और वेलनेस जैसे क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं और इनमें प्रशिक्षित युवतियों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार की अनेक संभावनाएं हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं स्वयं का काम शुरू करने के साथ-साथ भविष्य में अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। वक्ताओं ने प्रशिक्षुओं से अपने हुनर को निरंतर निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रमाण-पत्र मिलने से बढ़ा प्रशिक्षुओं का उत्साह
प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं और युवतियों को प्रमाण-पत्र मिलने पर उनके चेहरे पर उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में महिला स्वावलंबन, कौशल विकास और स्वरोजगार को लेकर चर्चा हुई।समर्थ भारत की ओर से चलाए जा रहे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को महिलाओं को पारंपरिक रोजगार विकल्पों से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक कौशल से जोड़ने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। भाऊराव देवरस सेवा न्यास की विभिन्न सेवा परियोजनाओं और समर्थ भारत जैसे कौशल-आधारित प्रयासों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक सेवा एवं आत्मनिर्भरता के अवसर पहुंचाना है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षुओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं और उन्हें सीखे हुए कौशल का उपयोग आत्मनिर्भर बनने तथा समाज में अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने के लिए करने का संदेश दिया गया।
