सैमसंग इनोवेशन कैंपस: उत्तर प्रदेश के 1,000 छात्र 'फ्यूचर-टेक' स्किल्स में प्रमाणित; उच्च शिक्षा मंत्री ने नवाजा
लखनऊ | 24 मार्च 2026
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में उत्तर प्रदेश ने आज एक और बड़ी छलांग लगाई है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने प्रमुख वैश्विक सीएसआर कार्यक्रम ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ के तहत प्रदेश के 1,000 मेधावी छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कोडिंग और प्रोग्रामिंग जैसे भविष्य के तकनीकी कौशलों में सफलतापूर्वक प्रमाणित किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित इस भव्य प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "सैमसंग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच यह साझेदारी हमारे युवाओं को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। यह कदम प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और मुख्यमंत्री के सशक्त युवा विजन को गति प्रदान करता है।"
यूपी बना स्किल ट्रेनिंग का प्रमुख केंद्र
इस नए बैच के प्रमाणीकरण के साथ ही उत्तर प्रदेश में सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत प्रशिक्षित छात्रों की कुल संख्या 4,900 तक पहुँच गई है।
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प्रशिक्षण का विवरण: इस सत्र में 600 छात्रों ने AI, 300 ने कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग और 100 छात्रों ने IoT में विशेषज्ञता हासिल की।
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प्रमुख संस्थान: इसमें ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक और डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन के छात्र शामिल रहे।
कौशल के साथ रोजगार पर जोर
सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के सीएसआर प्रमुख शुभम मुखर्जी ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सॉफ्ट स्किल्स और प्लेसमेंट सपोर्ट भी शामिल है। इसका उद्देश्य युवाओं को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है।
नारी शक्ति और भविष्य का लक्ष्य
इस कार्यक्रम की एक उल्लेखनीय विशेषता इसकी 45 प्रतिशत महिला भागीदारी है, जो तकनीकी क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा दे रही है। सैमसंग का लक्ष्य पूरे भारत में 20,000 युवाओं को प्रशिक्षित करना है, ताकि देश के डिजिटल इकोसिस्टम को एक नई ऊर्जा मिल सके। सैमसंग की यह पहल उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी। भविष्य की तकनीक से लैस ये युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि भारत को 'ग्लोबल टेक हब' बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
