जिंदल स्टेनलेस और अमीदा क्लीनटेक की ‘संजीवन’ पहल: श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्वच्छ वायु की दिशा में बड़ा कदम
Jindal Stainless and Amida Cleantech's 'Sanjeevana' initiative: A major step towards clean air at Shri Kashi Vishwanath Dham
Sun, 15 Feb 2026
लखनऊ। भारत की अग्रणी स्टेनलेस स्टील निर्माता जिंदल स्टेनलेस ने अमीदा क्लीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर ‘संजीवन’ पहल के तहत श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्वच्छ वायु सुनिश्चित करने के लिए साझेदारी की है। इस परियोजना के अंतर्गत श्री काशी विश्वनाथ धाम (एसकेवीडी) के रैम्प भवन और ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में उन्नत, स्वदेशी ‘एयर प्यूरीफिकेशन’ प्रणाली स्थापित की जा रही है।
यह परियोजना जिंदल स्टेनलेस की अब तक की सबसे बड़ी सीएसआर पहल है, जिसके तहत स्टेनलेस स्टील से निर्मित 58 वायु शुद्धिकरण इकाइयाँ लगाई जाएँगी। इनकी संयुक्त क्षमता प्रति घंटे 3,00,000 घन मीटर से अधिक वायु को शुद्ध करने की होगी। इस पहल को श्री काशी विश्वनाथ धाम प्राधिकरण की स्वीकृति प्राप्त है और यह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप है।
इस परियोजना में अमीदा की अत्याधुनिक एसीई+ (Attract–Capture–Eliminate) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिसे नीति आयोग सहित प्रमुख सरकारी संस्थानों द्वारा परीक्षण, सत्यापन और अनुमोदन प्राप्त है। यह तकनीक नैनो ब्लैक कार्बन, परागकण, जैविक कणों (100 नैनोमीटर से 50 माइक्रॉन तक) के साथ-साथ सल्फर ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों, वायरस और बैक्टीरिया को भी निष्क्रिय करने में सक्षम है।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य मणिकर्णिका घाट पर दाह संस्कार के दौरान उत्पन्न वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है। साथ ही मंदिर के मुख्य परिसर और गलियारे में प्रदूषित कणों को कम कर तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं और पुजारियों के लिए अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे धाम परिसर की इमारतों की बाहरी सतह को होने वाले नुकसान को भी रोका जा सके।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान दाएँ से बाएँ अभ्युदय जिंदल (प्रबंध निदेशक, जिंदल स्टेनलेस), विश्व भूषण मिश्रा (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास) और सिद्धार्थ दीक्षित उपस्थित रहे।
जिंदल स्टेनलेस ने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति कंपनी की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है और धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों के लिए बेहतर वायु गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। वहीं अमीदा क्लीनटेक ने बताया कि उसकी एसीई+ तकनीक स्वच्छ और सतत वायु के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य—दोनों की रक्षा में सहायक है।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस नवोन्मेषी पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण सुधार और जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
