पद्मश्री सम्मान मिलने पर संत निरंजन दास को संत निर्मल दास ने दी शुभकामनाएं
संत निर्मल दास ने कहा कि संत निरंजन दास को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्मश्री से सम्मानित किया जाना समूचे रविदास समाज और उनके अनुयायियों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित देश-विदेश के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि संत निरंजन दास ने अपना जीवन संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के विचारों और मानवता के संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया है। वे भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। वर्ष 1994 में डेरा सचखंड बल्लां की गद्दी संभालने के बाद से उन्होंने सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

संत निर्मल दास ने बताया कि संत निरंजन दास के मार्गदर्शन में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई जनहितकारी कार्य संचालित किए जा रहे हैं। कठार स्थित संत सरवन दास चैरिटेबल अस्पताल में अत्यंत कम खर्च पर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जाता है, जबकि फगवाड़ा में संचालित संत सरवन दास मॉडल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत निरंजन दास अपने सत्संगों और प्रवचनों के माध्यम से प्रेम, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हुए समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके विचार सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर बहन संतोष जी सहित अनेक संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
