सरस्वती डेंटल कॉलेज में सरंग 2025 स्नातक समारोह का भव्य आयोजन

Saraswati Dental College celebrates the grand “Sarang 2025” graduation ceremony
 
Saraswati Dental College celebrates the grand “Sarang 2025” graduation ceremony
लखनऊ, 13 नवंबर 2025सरस्वती डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लखनऊ में बीडीएस बैच के विद्यार्थियों के लिए “सरंग 2025” स्नातक समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए उपलब्धि का क्षण था, बल्कि संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसे सरस्वती ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस की चेयरपर्सन श्रीमती मधु माथुर, एसडीसी एंड एच के प्रेसिडेंट डॉ. राजत माथुर, एसएचआरसी एवं बीएसएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग की डायरेक्टर डॉ. स्मिता माथुर, कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. कुणाल साह, डायरेक्टर नर्सिंग एवं पैरामेडिकल साइंसेज ले. कर्नल संध्या, डीन पीजी स्टडीज डॉ. सुनीरा चंद्रा, डीन यूजी स्टडीज कर्नल (डॉ.) ए.के. झा, बेसिक साइंसेस की डीन एवं एनएएसी सलाहकार डॉ. अलका यदु और कमांडर सुमित घोष ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।

इसके पश्चात डॉ. कुणाल साह ने हिप्पोक्रेटिक शपथ का संचालन किया, जिसमें नवप्रशिक्षित डॉक्टरों ने निष्ठा, करुणा और सेवा भाव के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्य का संकल्प लिया। समारोह के दौरान शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

समारोह का भावनात्मक क्षण तब आया जब पासिंग आउट बैच के छात्रों ने अपने कॉलेज जीवन की यादें साझा कीं, वहीं अभिभावकों ने संस्थान के सुरक्षित, सहयोगी और प्रेरणादायी वातावरण के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसने पूरे वातावरण को उल्लास और उमंग से भर दिया।

समापन सत्र में अपने मुख्य संबोधन में डॉ. राजत माथुर ने डेंटल प्रैक्टिस में ईमानदारी, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरस्वती डेंटल कॉलेज का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट चिकित्सक तैयार करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायी और मानवीय दृष्टिकोण रखने वाले डॉक्टरों का निर्माण करना है। समारोह सफलता और गौरव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामनाओं के साथ “सरंग 2025” यादगार बन गया।

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