सर्वजन सनातन पार्टी ने यूपी सरकार को घेरा: बच्चों की शिक्षा, आरक्षण और सुरक्षा को लेकर रागिनी अवस्थी ने उठाए गंभीर सवाल
लखनऊ, 02 जुलाई, 2026:
उत्तर प्रदेश में बच्चों की बुनियादी शिक्षा, सुरक्षा, पोषण और सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के सामने खड़े आरक्षण व मेरिट के संकट को लेकर 'सर्वजन सनातन पार्टी' ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रागिनी अवस्थी द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस नोट में सूबे के बच्चों और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
पार्टी ने साफ किया है कि वर्तमान व्यवस्था में बच्चों की कड़ी मेहनत और प्रतिभा की अनदेखी हो रही है, जिसे सुधारने के लिए आने वाले समय में गांव-गांव तक एक बड़ा जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
सर्वजन सनातन पार्टी द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु:
1. आरक्षण, मेरिट और EWS का संकट
श्रीमती रागिनी अवस्थी ने कहा कि सरकारी नौकरियों, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की सीटों में अत्यधिक आरक्षण होने के कारण सवर्ण और सामान्य वर्ग के होनहार बच्चे उत्कृष्ट अंक लाने के बावजूद चयन प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। इससे बच्चों की मेहनत का मूल्य समाप्त हो रहा है। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाए गए 10% EWS कोटे को भी धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं किया जा रहा है।

2. शिक्षा और कोचिंग की बेलगाम महंगाई
प्रेस नोट के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और शिक्षकों की भारी कमी के चलते अभिभावक बेहद महंगी प्राइवेट कोचिंग के भरोसे रहने को मजबूर हैं। NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की कोचिंग फीस लाखों रुपये में पहुंच चुकी है, जिसके कारण मध्यम और गरीब वर्ग के प्रतिभावान बच्चे धन के अभाव में पिछड़ते जा रहे हैं।
3. बच्चों के पोषण की बदहाली
पार्टी ने सरकारी मिड-डे मील और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद घटिया है। कुपोषण के आंकड़े घटने के बजाय लगातार बढ़ रहे हैं, जो कि एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में बड़ी बाधा है।
4. छात्रवृत्ति में भेदभाव और जटिलता
मेधावी सवर्ण विद्यार्थियों के लिए चलाई जाने वाली स्कॉलरशिप योजनाओं को या तो बंद कर दिया गया है या उनके नियम इतने जटिल बना दिए गए हैं कि योग्य बच्चों को भी उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा में समानता का अधिकार अब केवल कागजों तक सिमट कर रह गया है।

5. सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
प्रदेश में नाबालिग बच्चों, विशेषकर बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए पार्टी ने कहा कि सरकार सिर्फ कागजी आंकड़े गिनाने में व्यस्त है, जबकि हकीकत में बच्चों को एक सुरक्षित माहौल नहीं मिल पा रहा है।
6. पाठ्यक्रम से गायब होते सनातन संस्कार
पार्टी ने शैक्षणिक पाठ्यक्रम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा पद्धति में बच्चों को हमारे सनातन महापुरुषों—जैसे भगवान परशुराम जी, महाराणा प्रताप और माता अहिल्याबाई होलकर के प्रेरणादायक जीवन परिचय से दूर रखा जा रहा है।
भाषणों और हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क" — रागिनी अवस्थी
प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रागिनी अवस्थी ने अपने कड़े बयान में कहा भाजपा सरकार केवल मंचों से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है। जमीनी हकीकत यह है कि आज हमारे बच्चों के साथ न तो आरक्षण में न्याय हो रहा है, न उन्हें सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, न समय पर स्कॉलरशिप दी जा रही है और न ही पौष्टिक भोजन व सुरक्षा की गारंटी है।"
पार्टी की प्रमुख मांगें:
सर्वजन सनातन पार्टी ने प्रदेश सरकार के सामने तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित बदलावों को लागू करने की मांग रखी है:
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मेधावियों के लिए मेरिट आधारित समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
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10% EWS आरक्षण का शत-प्रतिशत और पारदर्शी क्रियान्वयन हो।
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बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाए।
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व्यावसायिक व प्रतियोगी परीक्षाओं की शिक्षा को सुलभ और सस्ता बनाया जाए।
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मिड-डे मील की गुणवत्ता सुधारकर पौष्टिक भोजन दिया जाए।
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स्कूली पाठ्यक्रम में सनातन संस्कार और भारतीय महापुरुषों की जीवनी को शामिल किया जाए।
पार्टी ने अंत में संकल्प दोहराया कि इन मांगों को लेकर वे जनता के बीच जाएंगे और 'जय भगवान परशुराम, जय सनातन, जय बाल शक्ति' के उद्घोष के साथ बच्चों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।

