व्यंग्य : तेरा क्या होगा आला
Sarcasm: “What will happen to you, Ala…”
Mon, 17 Nov 2025
(मुकेश “कबीर” – विनायक फीचर्स)
डॉक्टर के हाथ में आला तो सभी ने देखा है, पर अब जब डॉक्टर के कंधे पर AK-47 लटकती दिखी तो आला खुद घबरा गया। डरते-डरते उसने डॉक्टर से पूछा—
“जब अब तक हर काम मैं कर ही देता था, फिर यह बंदूक क्यों पकड़ ली डॉक्टर साहब?”
डॉक्टर मुस्कुराया और बोला—
“सुन ओ आले, गलतफ़हमी दूर कर ले। तू सारे काम नहीं करता था, बस उतना ही जितना मैं करवाता था। तुझे सीने पर रखकर धड़कनें तो मैं ही सुनता था। अब मुझे दिल की धड़कन नहीं सुननी—मासूमों की चीखें सुननी हैं। इसलिए राइफल उठा ली है।”

डॉक्टर आगे बोला—
“अब तुझे गले में लटकाऊँ और हाथों से गोली भी दूँ—ये डबल मेहनत क्यों करूँ? राइफल तो एक ही बार में दोनों काम कर देती है… आवाज भी, ‘गोली’ भी। न दवा चुनने का झंझट, न मरीज को मुंह खोलने का आदेश देना। बस ट्रिगर दबाओ और इलाज अपने-आप हो जाए!”
आला यह सुनकर समझ गया कि मामला गड़बड़ है—
“दया, ये आदमी डॉक्टर कम… डाकू ज़्यादा लगता है।”
फिर उसने हिम्मत करके पूछा—
“सच-सच बता, तू डॉक्टर है या कसाई?”
डॉक्टर ने सफेद कोट संभालते हुए जवाब दिया—
“अरे इसे ही तो डॉक्टरी कहते हैं! सफेद चोगा, गोल टोपी और कैबिन का हरा पर्दा—डॉक्टर दिखने के लिए इससे ज़्यादा क्या चाहिए? एक आला नहीं है तो क्या मेरी डॉक्टरी खत्म हो गई?”
आला यह सुनकर तिलमिला गया—
“तेरा कोई धर्म-कर्म है या नहीं? तूने तो कसम खाई थी इंसान की जान बचाने की!”
डॉक्टर ने बड़ी निर्लज्जता से कहा—
“यही तो मेरा धर्म है! मेरे धर्म में राइफल की जगह है—आले की नहीं। आला तो ताले में ही अच्छा लगता है… इसलिए चुपचाप पड़ा रह!”
अब आला सब समझ चुका था—
दुनिया बदल चुकी है।
दानी भेष में लुटेरे घूम रहे हैं,
और रक्षक का वेश पहनकर भक्षक।
आज ज़िंदगियाँ खत्म करने का सबसे आसान तरीका यही है—डॉक्टर बन जाओ।
लोग आपको भगवान समझकर आएँगे,
और आप उन्हें “भगवान” के पास भेज देंगे… बिना किसी शक-शुब्हे के।
समय बड़ा अजीब है—
पुलिस से राइफलें छीनी जा रही हैं,
और कुछ नकली डॉक्टर उन्हें गर्व से थाम रहे हैं।
फसाद वहीं से पनपते हैं—जहाँ पहरेदार भेष बदल लेते हैं।
इसलिए अब सिर्फ सफेद कोट देखकर भरोसा मत करिए।
देखिए कि उसके भीतर इंसानियत की पढ़ाई हुई है या नहीं।
हमारे देश में डॉक्टर धरती के भगवान माने जाते हैं—
जिन्हें जान बचाने की शिक्षा मिलती है,
जान लेने की तो सिर्फ कसाइयों को।
इसलिए डॉक्टर के पास जाने से पहले यह ज़रूर परख लें—
वह डॉक्टर है… या कुछ और।
