संविधान बचाओ सम्मेलन: "सामाजिक परिवर्तन के महानायक थे बाबू जगजीवन राम"— सांसद राकेश राठौर

 Save Constitution Conference: "Babu Jagjivan Ram was the great leader of social change" – MP Rakesh Rathore 

 
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 रदोई/बघौली | 7 अप्रैल, 2026: उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के ग्राम सुरसा में पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर 'संविधान बचाओ सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे सीतापुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद राकेश राठौर का बघौली चौराहे पर बालामऊ के पूर्व प्रत्याशी सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।

संविधान और बाबूजी के आदर्शों पर चर्चा

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद राकेश राठौर ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान देश का सबसे पवित्र ग्रंथ है, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा खतरे में है।

सांसद के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • संवैधानिक संकट: न्यायपालिका और कार्यपालिका के प्रति सरकार के दायित्वों की अनदेखी की जा रही है।

  • सामाजिक असमानता: देश में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और बेरोजगारी चरम पर है।

  • बाबूजी का संघर्ष: बाबू जगजीवन राम ने जीवनभर जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उच्च पदों पर रहने के बावजूद उन्हें कई बार जातिगत भेदभाव का शिकार होना पड़ा, फिर भी उन्होंने सामाजिक परिवर्तन की मशाल जलाए रखी।

  • हिस्सेदारी का संकल्प: कांग्रेस पार्टी अब बहुजन नायक कांशीराम जी के सिद्धांत— "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" पर मजबूती से काम कर रही है।

शिक्षा और संघर्ष की मिसाल

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासचिव और बालामऊ से पूर्व प्रत्याशी सुरेन्द्र कुमार ने बाबू जगजीवन राम के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल 1908 को बिहार के चंदवा गांव में जन्मे बाबूजी ने घोर सामाजिक भेदभाव के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त की और देश के उपप्रधानमंत्री पद तक पहुँचे। उनका जीवन हर वंचित वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम

सम्मेलन में सुरसा और आसपास के क्षेत्रों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान की रक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नेताओं ने आगामी चुनावों के मद्देनजर एकजुटता दिखाने और दलित-पिछड़ा वर्ग को कांग्रेस से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा की।

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