SBI News: ग्राहकों की भाषा में संवाद से बढ़ता है बैंक के प्रति विश्वास: मुख्य महाप्रबंधक दिपेश राज; SBI की डिजिटल सेवाएं 13 भाषाओं में उपलब्ध

 
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बिजनेस डेस्क, लखनऊ (17 जून 2026):

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के स्थानीय प्रधान कार्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही बैठक का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता लखनऊ मंडल के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) श्री दिपेश राज ने की। बैठक के दौरान प्रधान कार्यालय के विभिन्न विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग और प्रगति की गहन समीक्षा की गई, साथ ही भविष्य के भाषाई लक्ष्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

‘देसिल बयना सब जन मिट्ठा’: लोकभाषा संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य महाप्रबंधक श्री दिपेश राज ने अपनी बात को बेहद दार्शनिक और व्यावहारिक रूप से रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मातृभाषा और लोकभाषा उसकी अनूठी पहचान के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत की सबसे मजबूत आधारशिला होती है।

प्रसिद्ध भक्तिकालीन कवि विद्यापति के अमर कथन ‘देसिल बयना सब जन मिट्ठा’ का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय या लोकभाषा सबसे अधिक आत्मीय, सरल और प्रभावी होती है। उन्होंने बैंक के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए ग्राहकों के साथ उनकी सहज और पसंदीदा भाषा में ही संवाद (Communication) स्थापित करने को प्राथमिकता दें। इससे न केवल ग्राहकों की समस्याओं का त्वरित समाधान होता है, बल्कि बैंक के प्रति उनका भरोसा और अधिक मजबूत होता है।

13 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हैं एसबीआई की डिजिटल सेवाएं

बैंक की तकनीकी प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मुख्य महाप्रबंधक ने एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की आधुनिक डिजिटल सेवाएं केवल हिंदी या अंग्रेजी तक ही सीमित नहीं हैं। आम नागरिकों और सुदूर क्षेत्रों के ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एसबीआई की डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं 13 विभिन्न भारतीय भाषाओं में सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। इसके अलावा, ग्राहकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए बैंक की तमाम तकनीकी सुविधाओं को भी लगातार बहुभाषी (Multilingual) स्वरूप में अपग्रेड किया जा रहा है।

तिमाही गृह पत्रिका 'वातायन' के नए अंक का हुआ विमोचन

इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक ने मंडल राजभाषा विभाग द्वारा तैयार की गई प्रतिष्ठित तिमाही गृह पत्रिका 'वातायन' के नवीनतम अंक का विमोचन किया। पत्रिका की सामग्री की सराहना करते हुए उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक, अत्यंत पठनीय और संग्रहणीय बताया।

उत्कृष्ट विभागों को मिली 'राजभाषा शील्ड':

कार्यालय के कामकाज में हिंदी का सर्वोत्तम और पारदर्शी उपयोग करने वाले विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन विभागों को मुख्य महाप्रबंधक द्वारा 'राजभाषा शील्ड' प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे कर्मचारियों में राजभाषा के प्रति उत्साह और बढ़े।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बैंक के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:

  • महाप्रबंधक श्री कौशलेंद्र कुमार

  • विभिन्न विभागों के उप महाप्रबंधकगण (DGMs) एवं विभागाध्यक्ष (HODs)

कार्यक्रम के अंतिम चरण में मंडल विकास अधिकारी श्री धीरेन्द्र महे ने मुख्य अतिथि और सभी उपस्थित अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस पूरी राजभाषा बैठक का कुशल संचालन सहायक महाप्रबन्धक (राजभाषा) श्री दिवाकर मणि द्वारा किया गया।

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