54वीं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2026 का शेड्यूल जारी, छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक भी दिखाएंगे प्रतिभा

जिला स्तरीय प्रदर्शनी 28 अक्टूबर तक कराने के निर्देश, लखनऊ मंडल की प्रदर्शनी नवंबर में प्रस्तावित
 
54वीं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2026 का शेड्यूल जारी, छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक भी दिखाएंगे प्रतिभा

लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली के निर्देशन तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश, लखनऊ के संरक्षण में राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से आयोजित होने वाली 54वीं जनपद, मंडल एवं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2026 का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। यह प्रदर्शनी पूर्व में पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी के नाम से आयोजित होती रही है।

लखनऊ मंडल के विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि निदेशक, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से जनपद एवं मंडल स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के आयोजन की प्रस्तावित तिथियां घोषित कर दी गई हैं।

लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने मंडल के सभी छह जिलों—लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, उन्नाव और रायबरेली—के जिला विद्यालय निरीक्षकों को 28 अक्टूबर 2026 तक जिला स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित कर परिणाम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस वर्ष का मुख्य विषय और सात उपविषय

इस वर्ष बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का मुख्य विषय “सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार” (Science, Technology and Innovation for a Sustainable and Viksit Bharat) निर्धारित किया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों और प्रतिभागियों के लिए सात उपविषय तय किए गए हैं—

  1. श्रेष्ठतर जीवन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
  2. हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण
  3. गणितीय मॉडलिंग एवं गणनात्मक सोच
  4. स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सफाई
  5. स्वदेशी कृषि पद्धतियां
  6. ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान
  7. आपदा प्रबंधन

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चार संवर्गों में होगी जिला स्तरीय प्रदर्शनी

जिला स्तर पर प्रदर्शनी चार संवर्गों में आयोजित की जाएगी। इनमें—

  • जूनियर स्थिर संवर्ग – कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थी
  • जूनियर क्रियाकारी संवर्ग – कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थी
  • सीनियर क्रियाकारी संवर्ग – कक्षा 11 से 12 तक के विद्यार्थी
  • अध्यापक संवर्ग – डायट, माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश तथा बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के शिक्षक-शिक्षिकाएं

जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रतिभागी निर्धारित सात उपविषयों में से किसी एक पर स्थिर अथवा क्रियाकारी मॉडल तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। वहीं अध्यापक संवर्ग के प्रतिभागी संबंधित विषय पर टीएलएम (Teaching Learning Material) तैयार कर प्रदर्शनी में हिस्सा ले सकेंगे।

जिला स्तर से मंडल और राज्य स्तर तक होगा चयन

प्रत्येक उपविषय से जिला स्तर पर दो उत्कृष्ट क्रियाकारी और दो उत्कृष्ट स्थिर मॉडल का चयन मंडल स्तर के लिए किया जाएगा।

मंडल स्तर पर सीनियर संवर्ग से राज्य स्तर के लिए केवल प्रथम उत्कृष्ट क्रियाकारी मॉडल का चयन किया जाएगा। जूनियर संवर्ग में एक उत्कृष्ट क्रियाकारी और एक उत्कृष्ट स्थिर मॉडल का चयन किया जाएगा। हालांकि स्थिर मॉडल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रतिभाग नहीं कर सकेंगे।

अध्यापक संवर्ग में प्रत्येक उपविषय से वरीयता क्रम के आधार पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले शिक्षकों सहित कुल 14 टीएलएम का चयन मंडल स्तर के लिए किया जाएगा। राज्य स्तर पर वरीयता क्रम के आधार पर सात मॉडलों को स्थान दिया जाएगा।

27 और 28 अक्टूबर को जिला स्तरीय प्रदर्शनी प्रस्तावित

डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि जिला स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 27 और 28 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। सभी जिलों को निर्धारित समयसीमा में प्रदर्शनी पूरी कर परिणाम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं मंडल स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 19, 20 और 21 नवंबर 2026 को तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। मंडल स्तरीय प्रदर्शनी के स्थल की घोषणा नवंबर के दूसरे सप्ताह में किए जाने की बात कही गई है।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलेगा मंच

मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली इस बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के माध्यम से लखनऊ मंडल के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के साथ बहुमुखी प्रतिभा वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी विद्यार्थियों और शिक्षकों को विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े नए विचारों को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराती है।

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