बिहार में योजनाओं की बहार, विपक्ष पर तीखे वार

Flood of schemes in Bihar, sharp attack on opposition
 
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(कुमार कृष्णन – विनायक फीचर्स)
पटना। चुनावी माहौल बनते ही बिहार में एक बार फिर केंद्र सरकार की सौगातों की झड़ी लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया दौरे में 12,992 करोड़ रुपये की लागत वाली कई योजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें गंगा पर बना छह लेन का भव्य पुल और वैशाली–कोडरमा बुद्ध सर्किट ट्रेन प्रमुख हैं।

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बिहार को मिली बड़ी सौगातें

पिछले कुछ महीनों में पीएम मोदी कई बार बिहार आ चुके हैं और हर दौरे में उन्होंने अरबों रुपये की योजनाओं का तोहफा दिया है। इनमें प्रमुख हैं:
  • बक्सर में 660 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट
  • मुंगेर में सीवरेज नेटवर्क और एसटीपी परियोजना
  • मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र
  • मोखामा–सिमरिया गंगा ब्रिज और बख्तियारपुर–मोखामा एनएच-31 का सुधार
  • भागलपुर, औरंगाबाद व गया में बड़े पावर प्रोजेक्ट्स
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पटना एयरपोर्ट, एनटीपीसी बिजली परियोजना, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और अमृत भारत एक्सप्रेस व नमो भारत रैपिड रेल जैसी योजनाओं का भी शुभारंभ किया।
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पीएम आवास योजना से बिहार को फायदा

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 11 वर्षों में देशभर में 4 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए हैं। अकेले बिहार में अब तक 38 लाख घर बने हैं। उन्होंने गया जिले के 2 लाख परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि "यह सिर्फ चारदीवारी नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है।"

उद्योग और रोजगार पर जोर

पीएम मोदी ने बताया कि गया जिले के डोभी में बिहार का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया विकसित हो रहा है। साथ ही टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना भी की जा रही है। नए पावर प्लांट्स और रेलवे प्रोजेक्ट्स से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से निजी क्षेत्र में पहली नौकरी करने वाले युवाओं को केंद्र सरकार ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि देगी।

विपक्ष पर तीखे हमले

अपने भाषण में पीएम मोदी ने विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि "लालटेन राज में बिहार अंधेरे और माओवाद की छाया में डूबा था। बिजली, शिक्षा और रोजगार का भारी संकट था। कांग्रेस और आरजेडी ने जनता के हितों की अनदेखी कर सिर्फ अपना वोटबैंक मजबूत किया।"
उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लाए जा रहे नए सख्त कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक, किसी को भी जेल जाने पर कुर्सी छोड़नी होगी।

घुसपैठ और सुरक्षा पर चिंता

प्रधानमंत्री ने बिहार के सीमावर्ती जिलों में बदलते जनसांख्यिकी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि "घुसपैठिए न तो बिहार का रोजगार छीन पाएंगे और न ही संसाधनों पर कब्जा कर पाएंगे।" इसके लिए जल्द ही डेमोग्राफी मिशन शुरू किया जाएगा।

डबल इंजन सरकार पर भरोसा

अपने भाषण का समापन करते हुए पीएम मोदी ने कहा "बिहार के तेज विकास के लिए केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर काम कर रही है। विपक्ष चाहे जितनी रुकावटें डाले, बिहार की प्रगति का रास्ता अब कोई नहीं रोक सकता।"

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