स्कूल चलो अभियान 2.0: यूपी में आज से शुरू हो रहा है शिक्षा का महाअभियान, सरकार ने जारी किए ₹163 लाख से अधिक
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मिशन मोड: 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में चलाया जाएगा नामांकन का विशेष अभियान।
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कोई बच्चा नहीं छूटेगा: 6 से 14 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत दाखिला और 3 से 6 वर्ष के बच्चों को बालवाटिका से जोड़ने का लक्ष्य।
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शिक्षकों को सम्मान: पहले चरण में बेहतरीन कार्य करने वाले हर जिले के 5 सर्वश्रेष्ठ प्रधानाध्यापक (Principals) होंगे सम्मानित।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में प्राथमिक और बुनियादी शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत प्रदेशव्यापी 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक पूरे राज्य में मिशन मोड में संचालित किया जाएगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अभियान की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का एक भी बच्चा शिक्षा की रोशनी से वंचित न रहे।
यह केवल नामांकन नहीं, भविष्य संवारने का महायज्ञ है" — बेसिक शिक्षा मंत्री
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष के हर बच्चे को अनिवार्य रूप से स्कूल पहुंचाना है। इसके साथ ही, 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिका के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जाएगा।
जन-जागरूकता के लिए अपनाए जाएंगे ये डिजिटल व पारंपरिक माध्यम
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व्यापक प्रचार-प्रसार: रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट, प्रमुख बाजारों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आकर्षक होर्डिंग्स लगाई जाएंगी।
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ग्रामीण स्तर पर वॉल राइटिंग: गांवों में पंचायत भवनों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और स्कूलों की दीवारों पर प्रेरक नारे लिखे जाएंगे।
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लोकल मीडिया: केबल टीवी, स्थानीय चैनलों और विशेष प्रचार वाहनों के जरिए घर-घर तक शिक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा।
उत्सव की तरह सजेंगे स्कूल, खीर-हलवे से होगा स्वागत
अभियान के पहले दिन यानी 1 जुलाई को प्रदेश के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को त्योहार की तरह सजाया जाएगा।
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भव्य स्वागत: स्कूल आने वाले नए और पुराने बच्चों का रोली-टीका लगाकर आत्मीय स्वागत होगा।
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विशेष मिड-डे मील: बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) में हलवा और खीर जैसे विशेष व्यंजन परोसे जाएंगे।
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ड्रॉप-आउट पर लगाम: खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) की देखरेख में कक्षा 5, 8 और 10 पास कर चुके बच्चों की सूची अगले स्तर के स्कूलों को भेजी जाएगी, ताकि अगली कक्षा में जाते समय कोई भी बच्चा पढ़ाई न छोड़े (Drop-out)।
बजट आवंटन और जिला स्तर पर भव्य आयोजन
महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) एवं राज्य परियोजना निदेशक सुश्री मोनिका रानी के अनुसार, योगी सरकार ने इस पखवाड़े भर चलने वाले अभियान को सफल बनाने के लिए 163.60 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इसके तहत
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प्रत्येक जनपद (District) को 1 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
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प्रत्येक विकास खंड (Block) को 10 हजार रुपए की वित्तीय लिमिट जारी की गई है।
जिलाधिकारियों को निर्देश: सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSAs) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हर जिले में जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में एक मुख्य समारोह का आयोजन होगा, जिसमें प्रभारी मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक, ग्राम प्रधान और विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMCs) के सदस्य शामिल होंगे। इस दौरान स्कूल चलो रैलियां निकाली जाएंगी और बच्चों को नई पाठ्य-पुस्तकों का मुफ्त वितरण किया जाएगा।
