Scientific Rajbhasha Symposium 2026: सीडीआरआई की 'वैज्ञानिक राजभाषा संगोष्ठी' में गोयल इंस्टीट्यूट के छात्रों ने लिया भाग, औषधि अनुसंधान पर हुई चर्चा
Scientific Rajbhasha Symposium CSIR-CDRI: लखनऊ स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CSIR-CDRI) द्वारा 5 अगस्त 2026 को "वैज्ञानिक राजभाषा संगोष्ठी-2026" का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष संगोष्ठी में 'गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड साइंसेज़', लखनऊ के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ सहभागिता की। संगोष्ठी का मुख्य विषय "वैश्विक परिदृश्य में औषधि अनुसंधान एवं विकास" रखा गया था, जिसके माध्यम से युवाओं को वैज्ञानिक खोजों और हिंदी भाषा के समावेश से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने औषधि अनुसंधान एवं विकास के समकालीन विषयों पर व्याख्यान दिए। इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान की नवीनतम प्रवृत्तियों, शोध कार्यप्रणाली तथा विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी के प्रभावी उपयोग की जानकारी मिली। विशेषज्ञों के विचारों ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, शोध दृष्टिकोण और विषय की समझ को और समृद्ध किया।
संस्थान के चेयरमैन महेश गोयल ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं अनुसंधान आधारित कार्यक्रम छात्रों के ज्ञान, कौशल और शोध क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करते हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. ओ. पी. वर्मा ने कहा कि गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड साइंसेज़ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक, वैज्ञानिक और शोध कार्यक्रमों में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार की सहभागिता विद्यार्थियों के भविष्य के शोध एवं व्यावसायिक विकास में सहायक सिद्ध होगी।
