उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था का द्वितीय प्रादेशिक अधिवेशन उत्साहपूर्वक संपन्न
संस्था के प्रदेश महासचिव वेटरन कृष्ण प्रकाश चौहान ने बताया कि अधिवेशन का उद्देश्य केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं था, बल्कि पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों—पेंशन विसंगतियां, कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, पुनर्वास, चिकित्सा सुविधाएं तथा सामाजिक सुरक्षा—के ठोस समाधान हेतु संगठित रणनीति तैयार करना रहा।
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कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष वेटरन अजमेर बहादुर सिंह ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पवन कुमार सिंह चौहान (प्रबंध निदेशक, एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एवं विधानसभा सदस्य) उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की असली ताकत हैं। उनका अनुशासन, त्याग और समर्पण समाज के लिए प्रेरणा है। उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना शासन और समाज दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अधिवेशन में प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पहार से स्वागत किया गया। संस्था के संरक्षक वेटरन आर. के. पांडे द्वारा सेवा, निष्ठा और अनुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 सदस्यों को स्मृति चिन्ह एवं तिरंगा पट्टी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदेश अध्यक्ष द्वारा 15 समर्पित पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके योगदान की सराहना की गई।

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष वेटरन अरुण कुमार द्विवेदी, वेटरन ओ. पी. त्रिवेदी, प्रदेश प्रवक्ता श्रीराम शिवहरे, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुरेश वर्मा, संयोजक वेटरन अजय सिंह, वेटरन आर. पी. कटियार तथा क्षेत्रीय अध्यक्ष भगत सिंह रावत सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगठन से जुड़ने का आह्वान
अधिवेशन के समापन पर संस्था ने प्रदेश के सभी पूर्व सैनिकों से संगठन से जुड़ने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि एक सशक्त एवं संगठित मंच ही पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर समाधान सुनिश्चित कर सकता है।

“संगठन ही शक्ति है — एकजुट पूर्व सैनिक, सशक्त समाज और सम्मानित राष्ट्र।”
संस्था का संकल्प है कि प्रत्येक पूर्व सैनिक और उनके परिवार को अधिकार, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो। प्रदेश के सभी पूर्व सैनिकों से सदस्यता ग्रहण कर इस जनकल्याणकारी अभियान का हिस्सा बनने का आग्रह किया गया।
