देखते चेहरे, छिपे जज्बात: मांट फोर्ट इंटर कॉलेज में किशोरावस्था के सफर और पैरेंटिंग पर खास सेमिनार संपन्न
लखनऊ, 18 जुलाई 2026:
किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान बच्चों के मन में चलने वाले उतार-चढ़ाव और उनके व्यवहार को समझने के उद्देश्य से राजधानी के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान मांट फोर्ट इंटर कॉलेज के मुख्य सभागार में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए आयोजित इस विशेष सेमिनार का मुख्य विषय 'सतह से नीचे: किशोरावस्था का सफर' रखा गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को किशोर उम्र के बच्चों की मानसिक और भावनात्मक जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाना था।
ईश्वर वंदना और स्वागत से हुआ शुभारंभ
सेमीनार का औपचारिक शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं के एक समूह द्वारा एक बेहद मधुर और भावपूर्ण प्रार्थना गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे सभागार को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। प्रार्थना गीत के उपरांत पवित्र बाइबल का पाठ किया गया, जिसके माध्यम से उपस्थित सभी लोगों को नैतिक मूल्यों की सीख दी गई।

इसके बाद, आदरणीय ब्रदर जीनू अब्राहम ने सेमिनार में आए सभी अभिभावकों, अतिथियों और शिक्षाविदों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस कार्यक्रम के आयोजन के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और बताया कि आज के डिजिटल युग में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद होना कितना जरूरी है।

इतिहास की झलक और उप प्रधानाचार्य का अद्भुत व्याख्यान
कार्यक्रम के अगले चरण में एक शानदार मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन के जरिए मांट फोर्ट इंटर कॉलेज के गौरवशाली इतिहास, उसकी शैक्षणिक यात्रा और विद्यालय में आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक व पाठ्यसहगामी (Co-curricular) क्रियाकलापों को प्रदर्शित किया गया।

इसके बाद, विद्यालय की उप प्रधानाचार्य श्रीमती नीना कैरन दास ने सेमिनार के मुख्य विषय 'सतह के नीचे: किशोरावस्था का सफर' पर अपना अद्भुत और व्यावहारिक विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अभिभावकों को समझाया कि किशोर बच्चों के बदलते व्यवहार के पीछे छिपे उनके जज्बातों को कैसे समझें और उनके साथ एक दोस्त की तरह कैसे पेश आएं।
मेधावी छात्रों का सम्मान और अनुशासन पर चर्चा
इस खास मौके पर एक प्रेरणादायक वीडियो के माध्यम से कक्षा 10वीं और 12वीं के उन होनहार विद्यार्थियों के नामों और उनके प्रदर्शन को प्रदर्शित किया गया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम पूरे राज्य में रोशन किया है। इसे देखकर उपस्थित अभिभावकों ने करतल ध्वनि से छात्रों का उत्साहवर्धन किया।

इसके बाद छात्रों द्वारा एक और मनमोहक गीत की प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात विद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता श्री अभिषेक श्रीवास्तव ने अभिभावकों को विद्यालय के जरूरी नियमों, अनुशासन व्यवस्था और आगामी शैक्षणिक सत्र की योजनाओं से अवगत कराया।

सामूहिक सहयोग से सफल रहा आयोजन
कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस सेमिनार को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, प्रशासक, कोऑर्डिनेटर सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा। उपस्थित अभिभावकों ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे किशोर मन को समझने के लिए एक बेहद व्यावहारिक व मार्गदर्शक कदम बताया।


