छात्राओं के लिए आत्मरक्षा ज्ञान अनिवार्य: मनोज वर्मा
लखनऊ।पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम में प्राचार्या प्रो. सुषमा देवी के संरक्षण में मिशन शक्ति, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अवध सांस्कृतिक क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
प्राचार्या प्रो. सुषमा देवी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में निरंतरता और अनुशासन का विशेष महत्व है। उन्होंने छात्राओं को यह भी समझाया कि रक्षा से अधिक महत्त्वपूर्ण है समय रहते सजग होकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना। साथ ही उन्होंने ‘अति सर्वत्र वर्जते’ के भाव को स्पष्ट करते हुए जीवन में संतुलन के महत्व पर जोर दिया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि, असिस्टेंट डिप्टी कंट्रोलर सिविल डिफेंस लखनऊ, मनोज वर्मा ने कहा कि प्रत्येक छात्रा को आत्मरक्षा के कौशल अवश्य सीखने चाहिए, ताकि आपात स्थिति में वह स्वयं को एवं दूसरों को सुरक्षित कर सके। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा सीखने की कोई आयु नहीं होती, इसे किसी भी समय सीखा जा सकता है।
विशिष्ट अतिथि मास्टर पीयूष कुशवाहा ने छात्राओं को ताइक्वांडो और सेल्फ डिफेंस की व्यावहारिक तकनीकों जैसे—किक, पंच, ब्लॉक और विभिन्न डिफेंस मूव्स का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की ओर प्रेरित किया।
इस वर्कशॉप में महाविद्यालय के 186 छात्राओं सहित सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे और प्रशिक्षण से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी प्रो. प्रीति बाजपेई व श्रीमती साधना सिंह यादव द्वारा संयुक्त रूप से निभाई गई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निशी मिश्रा द्वारा किया गया।
