एमएलके पीजी कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी: "धरती बचाओ-जीवन बचाओ" का दिया संदेश
पारंपरिक ढंग से हुआ कार्यक्रम का आगाज़
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर और मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई। इस गरिमामयी शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय, मुख्य नियन्ता प्रो. वीणा सिंह, सांस्कृतिक निदेशक प्रो. रेखा विश्वकर्मा और कार्यक्रम के संयोजक लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान मुख्य रूप से शामिल रहे।
प्रमुख वक्ताओं के विचार और मुख्य बिंदु
गोष्ठी के दौरान शिक्षाविदों ने पर्यावरण संकट और उसके समाधान पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए:
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पर्यावरण संरक्षण समय की मांग (प्रो. जे.पी. पाण्डेय, प्राचार्य): धरती बचाओ, जीवन बचाओ" केवल एक स्लोगन या नारा नहीं है, बल्कि यह वर्तमान समय की सबसे बड़ी पुकार है। इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य जनमानस को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना, प्राकृतिक संपदाओं को सहेजना और भविष्य की पीढ़ियों को एक प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ और हरी-भरी पृथ्वी सौंपना है।
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3R सिद्धांत को अपनाने की अपील (प्रो. वीणा सिंह, मुख्य नियन्ता): उन्होंने व्यावहारिक बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि यदि हमें पर्यावरण को बचाना है, तो दैनिक जीवन में 'थ्री-आर' (Reduce, Reuse, Recycle) यानी प्राकृतिक संसाधनों का कम उपयोग, उनका पुन: उपयोग और रीसायकल करने की आदत को बढ़ावा देना होगा।
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मानव अस्तित्व के लिए प्रकृति जरूरी (लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान, संयोजक): सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे ब्रह्मांड में पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ जीवन का अस्तित्व है। ऐसे में अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए हमें हर हाल में जल, जंगल और वायु का संरक्षण करना ही होगा।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस जागरूकता अभियान और संगोष्ठी को सफल बनाने में कॉलेज के शिक्षक वर्ग और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. स्वदेश भट्ट, डॉ. ओ.पी. सिंह, डॉ. वंदना सिंह और डॉ. शकुंतला सिंह सहित भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

