विधान भवन में शाश्वत चिकित्सा पर संगोष्ठी एवं 'कोरोना युग वैश्विक महामारी बहरूपिया' पुस्तक का विमोचन
शाश्वत चिकित्सा और शोध पर चर्चा
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मुख्य अतिथि (स्वांत रंजन, राष्ट्रीय प्रचारक): इन्होंने वंदे मातरम के विषय में विस्तार से चर्चा की।
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अति विशिष्ट अतिथि (स्वामी डॉ. भक्ति प्रकाश, प्रवर्तक शाश्वत चिकित्सा): इन्होंने अथर्ववेद पर आधारित शाश्वत चिकित्सा पर अपने तीस वर्षों के शोध अनुभवों को साझा किया।
पुस्तक विमोचन और साहित्यिक सम्मान
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शिव हर्ष किसान पी.जी. कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. बलराम गुप्ता (साहित्यिक नाम: संकर्षण प्रजापति) द्वारा रचित पुस्तक "कोरोना युग वैश्विक महामारी बहरूपिया" का विमोचन था।
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साहित्यिक उपलब्धि: डॉ. बलराम गुप्ता के लगभग 18 काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, और आलोचनात्मक कृतियों को मिलाकर उनकी कुल 27 कृतियाँ हैं।
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शोध और सम्मान: उनके लगभग 50 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। वह साहित्यिक लक्ष्य को लेकर लगभग 8 देशों की यात्रा कर चुके हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनेकों बार सम्मानित किया गया है, साथ ही 4 अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी अलंकृत किया जा चुका है।
अन्नपूर्णा रसोई और शोकोदगार
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भंडारा: इस अवसर पर डॉ. दिनेश चंद्र अवस्थी (पूर्व विशेष सचिव) के सौजन्य से अन्नपूर्णा रसोई का 61वां भंडारा भी आयोजित किया गया।
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श्रद्धांजलि: कार्यक्रम में दिल्ली बम धमाकों में मारे गए लोगों तथा राज्य विधान मंडल पेंशनर्स संस्थान की पूर्व सदस्य स्वर्गीय सुधा नरूला के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
कार्यक्रम का संचालन
संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. सी. पी. शर्मा (पूर्व विशेष सचिव) द्वारा की गई। कार्यक्रम का परिचय सत्र डॉ. अरुण कुमार भरारी ने प्रस्तुत किया, और सफल संचालन हरि प्रकाश अग्रवाल ने किया। जयपुर से पधारे विशिष्ट अतिथि गोविंद जांगिड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम गायन के पूर्ण पाठ के साथ हुआ।
इस अवसर पर कवि विपुल मिश्रा, डॉ. निखिल जैन, पूजा विश्वकर्मा, सोनी शुक्ला, पुरूषोतम सोनी, डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. विश्व दीपक शर्मा, डॉ. एस के पाल, योगी संतोष दास, सर्वेश सोनी, लता सिंह, रजनी मिश्रा, डॉ. राकेश प्रताप सिंह, बबीता, मीना, अर्चना सिंह, रणवीर बहादुर श्रीवास्तव सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि एवं सदस्य उपस्थित रहे।
