एसएफआइ व डीवाइएफआइ ने स्कूली नौकरियों में गड़बड़ी को लेकर ममता के इस्तीफे की मांग पर किया प्रदर्शन
हाथों में तख्तियां और बैनर लिए वामपंथी संगठनों के करीब 500 से अधिक कार्यकर्ताओं ने सियालदह में जुलूस निकाला और राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लगाए। एसएफआइ के राज्य समिति के सदस्य सुभाजीत सरकार ने कहा कि हम मौजूदा स्थिति के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार मानते हैं।
भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार और इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी जैसे तृणमूल के दिग्गजों की प्रत्यक्ष संलिप्तता के कारण सैकड़ों योग्य उम्मीदवारों को परेशानी उठानी पड़ी, जिन्हें नौकरियां मिली थीं। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल, 2024 के आदेश को बरकरार रखा,
जिसमें राज्य द्वारा संचालित और राज्य-सहायता प्राप्त स्कूलों के 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद कर दिया गया था। इन लोगों की भर्ती 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से की गई थी।
