SGPGI Convocation: एसजीपीजीआई के 30वें दीक्षांत समारोह में 279 डॉक्टरों को मिलीं उपाधियां, डॉ. नारायण प्रसाद को मिला 'गवर्नर्स गोल्ड मेडल'
SGPGI 30th Convocation Ceremony Lucknow: चिकित्सा क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में शुमार संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), लखनऊ का 30वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को संस्थान के भव्य 'श्रुति ऑडिटोरियम' में पूरी पारंपरिक गरिमा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं संस्थान की विजिटर आनंदीबेन पटेल ने की। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव व महानिदेशक नेहा शर्मा और एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन सहित चिकित्सा जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं।
279 मेधावियों को डिग्रियां, डिज़िलॉकर पर डिजिटल लॉन्च
दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न उच्च-स्तरीय चिकित्सा पाठ्यक्रमों (DM, MCh, MD, और अन्य सुपर-स्पेशियलिटी कोर्सेज) के 279 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं।
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डिजिटल इंडिया की झलक: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तकनीकी सुगमता को बढ़ावा देते हुए सभी सफल अभ्यर्थियों की डिग्रियों को 'डिज़िलॉकर' (DigiLocker) पर डिजिटल रूप से लाइव अपलोड किया, जिससे छात्र अब अपनी डिग्री कहीं भी ऑनलाइन एक्सेस कर सकेंगे।
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5 साल का रोडमैप: संस्थान के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने एसजीपीजीआई की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पेश की और आगामी पांच वर्षों में संस्थान के विस्तार व वैश्विक स्तर पर विकास की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना (5-Year Action Plan) को साझा किया।
पहली बार दिया गया 'Governor's Gold Medal'
इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में संस्थान के इतिहास में एक नई परंपरा की शुरुआत हुई:
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सर्वश्रेष्ठ फैकल्टी का सम्मान: पहली बार संस्थान के सबसे उत्कृष्ट फैकल्टी सदस्य को सम्मानित करने के लिए 'गवर्नर्स गोल्ड मेडल' (Governor's Gold Medal) की शुरुआत की गई। यह ऐतिहासिक पहला पदक डॉ. नारायण प्रसाद को उनके अनुकरणीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
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रिसर्च और पेटेंट पर जोर: चिकित्सा, अनुसंधान (Research), क्लीनिकल उत्कृष्टता, नए पेटेंट हासिल करने और रिसर्च ग्रांट्स के क्षेत्र में उल्लेखनीय व नवाचारी कार्य करने वाले संस्थान के 13 सीनियर फैकल्टी मेंबर्स और रेजिडेंट डॉक्टरों को भी मंच पर सम्मानित किया गया।
दो महत्वपूर्ण चिकित्सा पुस्तकों का विमोचन
समारोह के दौरान चिकित्सा जगत और मरीजों के मार्गदर्शन के लिए तैयार की गईं दो विशेष पुस्तकों का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया:
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'Essentials of Breast Surgery'
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'From Hope to Healing: A Practical Guide to Transplant System in India'
'मरीजों को भगवान मानकर करें सेवा' : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
दीक्षांत समारोह में युवा डॉक्टरों का हौसला बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा: चिकित्सा का पेशा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। सभी नए डॉक्टर अपने कार्यक्षेत्र में चिकित्सा धर्म की शपथ का पूरी निष्ठा से पालन करें। जब आप अस्पताल में हों, तो हर मरीज को भगवान का रूप मानकर उसकी सेवा और इलाज करें। आपका संवेदनशील व्यवहार ही मरीज की आधी बीमारी ठीक कर देता है।"
'वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने का रखें लक्ष्य' : राज्यपाल
अपने अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एसजीपीजीआई की पीठ थपथपाते हुए कहा: एसजीपीजीआई ने अपनी उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं के दम पर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। लेकिन हमें यहीं नहीं रुकना है। संस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे निरंतर सुधारों और नए नवाचारों (Innovations) को अपनाते हुए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य तय करना चाहिए।"
इसके साथ ही राज्यपाल ने सामाजिक सरोकारों पर जोर देते हुए आंगनवाड़ी व्यवस्था को और अधिक आधुनिक व सशक्त बनाने, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण (HPV Vaccination) अभियान का दायरा बढ़ाने, आरोग्य मंदिर और आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।
विशेष आयोजन: समारोह के दौरान एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन ड्राइव को सफल बनाने वाले समर्पित स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र सौंपे गए, साथ ही 5 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बुनियादी स्वास्थ्य किट भी वितरित की गईं। कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने
