शबरी उद्धार और श्रीराम-हनुमान मिलन का हुआ भावपूर्ण मंचन
बाराबंकी।नगर की ऐतिहासिक रामलीला में शनिवार को शबरी उद्धारऔर श्रीराम-हनुमान मिलनकी लीलाओं का मनमोहक मंचन किया गया। लीला की शुरुआत ऋषि दुर्वासा के श्राप से राक्षस बने कबंध के उद्धार प्रसंग से हुई, जिसके बाद प्रभु श्रीराम शबरी के आश्रम पहुँचे। यहाँ उन्होंने शबरी की अद्वितीय भक्ति को स्वीकार करते हुए नवधा भक्तिका उपदेश दिया और सीता जी की खोज के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया।

शबरी के बताए मार्ग पर चलते हुए प्रभु श्रीराम ऋष्यमूक पर्वत की ओर बढ़े। यहीं विप्र वेश में आए हनुमान जी से उनका प्रथम मिलन हुआ। तत्पश्चात हनुमान जी ने राम और सुग्रीव की मित्रता कराई और इस प्रकार जीवात्मा व परमात्मा के मिलन का अद्भुत संदेश प्रस्तुत किया।
भावनाओं से ओतप्रोत इस मंचन को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। हनुमान जी की भूमिका शिवांग पाठक (पुत्र–लीला व्यास प्रमोद पाठक) ने निभाई, जबकि सुग्रीव का अभिनय अनुज ने किया। मंचन लीला व्यास की मधुर वाणी और चौपाइयों के पाठ के साथ संपन्न हुआ।
