एमएलके पीजी कॉलेज की शोधार्थी शालिनी गुप्ता को वनस्पति विज्ञान में पीएचडी, रोगजनक कवकों पर शोध को मिली सराहना
बलरामपुर। एमएलके पीजी कॉलेज, बलरामपुर की शोधार्थी शालिनी गुप्ता ने वनस्पति विज्ञान विषय में शोधकार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि पर शोध पर्यवेक्षकों, महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और परिजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
शालिनी गुप्ता ने अपना शोधकार्य एमएलके पीजी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं शोध-पर्यवेक्षक डॉ. राजीव रंजन तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की सह-शोध पर्यवेक्षक डॉ. किरन गुप्ता के निर्देशन में पूरा किया। उनका शोध विषय "स्टडीज ऑन पैथोजेनिक फंजाई फ्रॉम नॉर्थ तराई रीजन, उत्तर प्रदेश, इंडिया" रहा।
यह शोध उत्तर प्रदेश के उत्तर तराई क्षेत्र में पाए जाने वाले रोगजनक कवकों की पहचान, वर्गीकरण, जैव-विविधता तथा विभिन्न पौधों में होने वाले रोगों के वैज्ञानिक अध्ययन पर केंद्रित है। शोध का उद्देश्य पौधों के रोगों की समय रहते पहचान, उनके प्रभावी नियंत्रण तथा कृषि और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना है।
अपने शोध के दौरान शालिनी गुप्ता ने 213 कवक प्रजातियों (टैक्सा) का विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने 20 नए पोषक (होस्ट) तथा 8 नई कवक प्रजातियों की खोज कर उनका वैज्ञानिक अभिलेखीकरण भी किया। विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि वनस्पति विज्ञान और माइकोलॉजी (कवक विज्ञान) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के उत्तर तराई क्षेत्र की जैव-विविधता के दस्तावेजीकरण में भी उल्लेखनीय मानी जा रही है।

उनकी मौखिक परीक्षा (वाइवा-वोसे) सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप), लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. रमेश कुमार ने संपन्न कराई। उन्होंने शोध से जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं पर पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देकर पीएचडी की उपाधि अर्जित की।
इस अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रकृति राय ने उन्हें आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं। विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार वर्मा, डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, जंतु विज्ञान विभाग की डॉ. विनीता रावत, शोधार्थी धर्मेश श्रीवास्तव, संदीप मिश्रा सहित अनेक शिक्षक एवं शोधार्थी मौजूद रहे और शालिनी गुप्ता की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।
एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के शिक्षकों ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि विश्वविद्यालय और पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि शालिनी गुप्ता भविष्य में भी वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर कृषि, पर्यावरण संरक्षण और समाज के हित में महत्वपूर्ण कार्य करती रहेंगी।
